Punjab प्रदेश में इस बार दिवाली की रात हवा की गुणवत्ता में रहा सुधार
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पंजाब में बीते दो दिनों में पराली जलाने के 2611 नए मामले रिपोर्ट हुए, जिसके चलते बठिंडा का एक्यूआई 400 के करीब 380 तक पहुंच गया, जो शनिवार के मुकाबले पांच गुना से भी ज्यादा है। शनिवार को बारिश के बाद बठिंडा का एक्यूआई 69 पहुंच गया था। अन्य सभी शहरों का एक्यूआई 100 से नीचे ही था।
रविवार को दिवाली के दिन पंजाब में पराली जलाने के 987 मामले आए, जबकि सोमवार को यह बढ़कर 1624 पहुंच गए। दिवाली पर लोगों ने सरकार व सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी गाइडलाइंस का उल्लंघन करते हुए बिना किसी समय सीमा का ध्यान रखते पटाखे फोड़े। ग्रीन पटाखों का भी इस्तेमाल नहीं हुआ। हालांकि, पीपीसीबी चेयरमैन आदर्श पाल विग ने कहा कि बीते दो सालों की अपेक्षा इस साल दिवाली पर एक्यूआई में कमी दर्ज की गई है।
बठिंडा में पराली जलाने की सर्वाधिक घटनाएं
सोमवार को पराली जलाने सबसे अधिक 272 मामले अकेले बठिंडा जिले से सामने आए। संगरूर में 216, माेगा में 164, बरनाला में 132, फरीदकोट में 129, फाजिल्का में 171, फिरोजपुर में 98, मानसा में 110, अमृतसर में 191 और पटियाला में 41 मामले सामने आए। 2021 में 13 नवंबर को 3742 और साल 2022 में 2175 मामले सामने आए थे। इस साल अब तक के कुल मामलों की गिनती बढ़कर 26341 पहुंच गई है। साल 2021 में अब तक कुल मामले 62718 और साल 2022 में 43144 दर्ज किए गए थे।
पंजाब में प्रदूषण का स्तर
शहर- दिवाली से एक दिन पहले- दिवाली के बाद
- बठिंडा- 69- 380
- पटियाला- 61- 295
- जालंधर- 52- 291
- लुधियाना- 53- 285
- खन्ना- 44- 265
- अमृतसर- 107- 256
- मंडी गोबिंदगढ़- 145- 241