दिवाली पर पंजाब में अमृतसर सबसे अधिक प्रदूषित रहा है। लुधियाना दूसरे और मंडी गोबिंदगढ़ तीसरे नंबर पर रहा है।
यह
खुलासा पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से दिवाली पर पंजाब
के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण जानने के लिए कराए सर्वे से हुआ है।
हालांकि इस सर्वे से यह भी सामने आया है कि पंजाब में पिछले कुछ साल की
तुलना में इस साल दिवाली पर प्रदूषण की मात्रा कम रही है।
पंजाब के
पांच प्रमुख शहरों पटियाला, मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर के
व्यापारिक, रिहायशी और शांत क्षेत्रों में वायु प्रदूषण मापने के लिए
केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से जारी प्रोटोकाल के अनुसार ये
स्टेशन स्थापित किए थे ताकि हवा में धूल के कणों की मात्रा, सल्फर
डाइआक्साइड और नाइट्रोजन के आक्साइडों की मात्रा मापी जा सके।
इस
सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक दिवाली पर पंजाब में इस साल अमृतसर सबसे अधिक
प्रदूषित रहा है। अमृतसर में दिवाली के दिन पर हवा में धूल के कण 296
माइकोग्राम प्रति घन मीटर रिकार्ड किए गए। लुधियाना में हवा में धूल के
कणों की मात्रा 289 और मंडी गोबिंदगढ़ में 264, जालंधर में 221 और पटियाला
में 132 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकार्ड की गई। हालांकि इन सभी शहरों
में सल्फर डाइआक्साइड और नाइट्रोजन के आक्साइडों की मात्रा तय लिमिट से कम
रही है।
सर्वे के मुताबिक इन शहरों में प्रदूषण की मात्रा पिछले कई
साल की तुलना में कम रही है। बोर्ड के चेयरमैन मनप्रीत सिंह ने बताया कि
पंजाब में दिवाली पर पिछले सालों की तुलना में हवा में प्रदूषित तत्वों की
कमी एक अच्छा कदम है। इससे साफ होता है कि अब लोग सेफ व क्लीन दिवाली मनाना
ज्यादा पसंद करने लगे हैं। यह सब जागरूकता कार्यक्रमों से संभव हो सका है।
अमृतसर लुधियाना मंडी गोबिंदगढ़ जालंधर पटियाला
धूल के कण 296 289 264 221 132
सल्फर डाइआक्साइड 18 18 18 127 6
नाइट्रोजन के आक्साइड 40 46 32 31 12