बांधों का जलस्तर कम होने के कारण फसलों की सिंचाई में आ सकती है दिक्कत, पंजाब में 33 फीसदी बारिश कम
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब व हिमाचल प्रदेश के डैमों में पिछले साल की तुलना में इस बार पानी का स्तर कम पाया जा रहा है। इसका प्रमुख कारण मानसून में अब तक सामान्य से कम बारिश होना बताया जा रहा है। माहिरों के मुताबिक इससे आने वाले समय में बिजली का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। साथ ही फसलों की सिंचाई में भी समस्या खड़ी हो सकती है। आने वाले दिनों में अगर मानसून की बारिश अच्छी रहती है, तो उम्मीद है कि डैमों में पानी के स्तर में सुधार हो सकता है। पंजाब में बारिश कम होने व हिमाचल के डैमों में जलस्तर नीचे होने के कारण इस बार पंजाब में पानी की किल्लत हो सकती है।
भाखड़ा में इस समय पानी का स्तर 1634.64 फीट है, जबकि पिछले साल यह स्तर 1672.98 फीट था। वहीं, भाखड़ा में पानी का अन्तर्वाह 35,506 क्यूसिक है और आज के ही दिन पिछले साल यह 85,804 क्यूसिक दर्ज किया गया था। पानी का डिस्चार्ज इस समय भाखड़ा में 25,000 क्यूसिक है और पिछले साल 41,333 क्यूसिक था। इसी तरह से पौंग डैम का मौजूदा जलस्तर 1359.53 फीट है, वहीं पिछले साल यह 1391.23 फीट दर्ज किया गया था। इस समय पौंग डैम में पानी का अन्तर्वाह 16,362 क्यूसिक और डिस्चार्ज 13,511 क्यूसिक है। जबकि पिछले साल पौंग डैम में पानी का अन्तर्वाह 1,46,425 क्यूसिक व पानी का डिस्चार्ज 17,272 क्यूसिक था। इसी तरह से डैहर डैम में इस समय पानी का स्तर 2921.06 फीट है। इसकी तुलना में पिछले साल इस समय पानी का स्तर 2921.91 फीट था। इस समय पानी का अन्तर्वाह 17,209 क्यूसिक और पिछले साल 33,450 क्यूसिक दर्ज किया गया था। पंजाब के पठानकोट स्थित रणजीत सागर डैम में पानी का स्तर 501.34 मीटर है। इसके मुकाबले पिछले साल 520.65 मीटर था। इस समय डैम में पानी का अन्तर्वाह 7,558 क्यूसिक है और पिछले साल 2023 में यह 9,273 क्यूसिक दर्ज किया गया था।
पंजाब में 1 जून से अब तक 33 फीसदी बारिश कम
पंजाब में 1 जून से 24 अगस्त तक सामान्य के मुकाबले 33 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पठानकोट व तरनतारन को छोड़कर बाकी सभी जिलों में सामान्य से कम बारिश रही है। पंजाब में इस दौरान 338.2 एमएम की सामान्य बारिश के मुकाबले 224.9 एमएम ही बारिश पड़ी है। अगर अगस्त महीने की बात करें, तो इसमें भी अब तक सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश हुई है। 122.3 एमएम की सामान्य बारिश की तुलना में 106 एमएम ही बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है।