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बीबीएमबी में पंजाब की नुमाइंदगी खत्म करने का फैसला वापस हो किसानों ने डीसी दफ्तर के आगे रैली करके राष्ट्रपति से की मांग पंजाब व

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पटियाला। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के बैनर तले शनिवार को बड़ी संख्या में किसानों ने इकट्ठा होकर डीसी दफ्तर के आगे रोष रैली की। इस मौके पर भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) से पंजाब व हरियाणा की पक्की नुमाइंदगी खत्म करने की निंदा करते हुए राष्ट्रपति से तुरंत इस फैसले को रद्द करने की मांग की गई।
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रैली को संबोधित करते यूनियन के जिला प्रधान मनजीत सिंह न्याल ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से संविधान को ताक पर रखकर राज्यों के अधिकारों पर किए जा रहे हमलों को तुरंत रोका जाए। साथ ही बीबीएमबी में पंजाब व हरियाणा की नुमाइंदगी खत्म करके केंद्र की ओर से अपने हाथ सारा प्रबंध लेने के फैसले को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। किसान नेता ने इस मौके केंद्र को आड़े हाथों लेते आरोप लगाया कि मोदी सरकार विभिन्न प्रोजेक्टों व विभागों को अपने हाथों में लेकर देश के बड़े कारपोरेट घरानों को बेचना चाहती है। पंजाब व हरियाणा से बिजली व पानी छीन कर खेती सेक्टर को तबाह करना चाहती है, लेकिन किसान केंद्र की मोदी सरकार की इन चालों को कामयाब नहीं होने देंगे। जरूरत पड़ी तो इसके खिलाफ वैसा ही संघर्ष छेड़ा जाएगा, जिस तरह से खेती कानूनों के खिलाफ छेड़ा गया था।
किसान नेता ने कहा कि मुनाफे में चल रहे चंडीगढ़ के बिजली बोर्ड को बेचने के खिलाफ चल रहे संघर्ष पर पाबंदियां लगाना मुलाजिमों के संवैधानिक हकों पर डाका है, जिसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। मांग की कि बिजली बोर्ड के निजीकरण का फैसला रद्द किया जाए। इस मौके पर यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा करते केंद्र से मांग की कि वहां फंसे विद्यार्थियों की जल्द से जल्द घर वापसी कराई जाए।
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