विभिन्न विभागों के ठेका मुलाजिमों ने बुधवार को बस स्टैंड के नजदीक रैली करने के बाद सीएम के मोती महल की तरफ रोष मार्च निकाला। पुलिस ने मुलाजिमों को फव्वारा चौक पर ही रोक लिया। इस दौरान मौके पर पहुंचकर तहसीलदार हरमीत सिंह हुंदल ने मुलाजिमों से ज्ञापन लिया। इसके अलावा मुलाजिमों की तीन अगस्त को कैप्टन के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी, प्रमुख सचिव शिक्षा विभाग, प्रमुख सचिव जंगलात विभाग और प्रमुख सचिव सेहत विभाग पर आधारित पैनल साथ बैठक तय करवाई।
रैली को संबोधित करते हुए मुलाजिम नेता ममता शर्मा, रछपाल सिंह और सरबजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि 27000 मुलाजिमों को स्थायी करने वाली अधिसूचना में सुधार किया जाएगा। इसके तहत कच्चे व ठेका मुलाजिमों को स्थायी किया जाना था। अब साढ़े चार साल बीत जाने के बावजूद भी वादे को पूरा नहीं किया गया है।
इसके अलावा कैप्टन सरकार ने आशा वर्करों, मिड-डे-मील कर्मियों को न्यूनतम वेज देने का संवैधानिक अधिकार भी छीन लिया है। इस दौरान मिड-डे-मील व आशा वर्करों को कम से कम 21 हजार रुपये देने, ठेका मुलाजिमों को रेगुलर किया किए जाने की मांग की गई।