एसवाईएल मुद्दे पर पंजाब विरोधी फैसला आने से नाराज फतेहगढ़ साहिब के निवर्तमान कांग्रेसी विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने अपने साथियों के साथ सरहिंद ब्राह्मण माजरा ओवर ब्रिज के तले रेलवे ट्रैक पर जाम लगा दिया।
करीब ढाई बजे पुलिस ने जबरदस्ती उन्हें धरनास्थल से हटाया। इस दौरान एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर और एसडीएम नवराज सिंह बराड़ खुद मौके पर मौजूद रहे। आरपीएफ सरहिंद इंचार्ज बीके चौहान ने कहा है कि नागरा के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर कांग्रेसियों ने बादल-मोदी और हरियाणा के खिलाफ नारेबाजी की। धरना करीब पौने दो घंटे तक जारी रहा। इस मौके पर नागरा ने कहा कि पंजाब के पानीयों पर केवल पंजाब का हक है। जो भी फैसला आया है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की मिलीभगत से आया है। ये लोग नहीं चाहते है कि पंजाब का पानी पंजाब में रहे। हम एक बूंद भी पानी किसी को नहीं देंगे।
नागरा ने कहा कि एसवाईएल लिंक नहर से 10 लाख एकड़ जमीन बंजर हो जाएगी और दक्षिणी पंजाब का हिस्सा सूखे की जद में आ जाएगा। नागरा ने कहा कि सरकार के सभी मंत्रियों को बिना किसी देरी इस्तीफे देने चाहिए।
धरने से ये ट्रेन हुई प्रभावित
कांग्रेसियों द्वारा करीब पौने एक बजे धरना शुरू किया गया। इस दौरान अप एंड डाउन की कई ट्रेनें प्रभावित हुई। अमृतसर से दरभंगा जनसेवा एक्सप्रेस (5210) काफी देर सरहिंद रेलवे स्टेशन पर रुकी रही। धरने के बाद उसे रवाना किया गया।
पंजाब के पानी पर अकाली विधायक भी दें इस्तीफे : भांबरी
मंडी गोबिंदगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी फतेहगढ़ साहिब के अध्यक्ष हरिंदर सिंह भांबरी ने कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के हक के लिए बिना देरी अपने विधायकों समेत इस्तीफे देकर पंजाब हितैषी होने का सबूत पेश किया है। पंजाब सरकार के सभी मंत्रियों को बिना देरी अपने ओहदों से इस्तीफे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे हैं, अभी तक केजरीवाल का पंजाब के समर्थन में कोई बयान नहीं आया है।