सफाई कर्मियों की तरफ से मांगों को लेकर हड़ताल पर चले जाने से शहर में सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कूड़े कर्कट के ढेर लगे हैं। उधर, नगर काउंसिल दफ्तर में सफाई कर्मियों का मरणव्रत चौथे दिन भी जारी रहा। चौथे दिन उषा रानी और ओमी देवी मरणव्रत पर बैठीं हुईं थीं।
सफाई कर्मियों की हड़ताल की वजह से शहरवासियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मियों के काम पर नहीं आने से लोगों को अपना कूड़ा कर्कट फेंकने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके चलते शहर की सड़कें कूड़ा कर्कट से सनी पड़ी हैं।
दूसरी तरफ, नगर काउंसिल में धरना लगाए बैठे यूनियन के अध्यक्ष भारत बेदी और महासचिव राजेश कुमार ने कहा कि वह अपनी मांगों लेकर पिछले काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं किंतु उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। जिसके चलते उन्हें अपना संघर्ष तेज करने के लिए विवश होना पड़ा।
उन्होंने मांग की कि कच्चे सफाई मजदूरों को रेगुलर किया जाए, एक तारीख को वेतन देने का प्रावधान किया जाए, शहर की आबादी के हिसाब से सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए, सीवरेज की सफाई के लिए सीवरमैनों की भर्ती की जाए, सफाई मजदूरों तथा सीवरमैनों की मौत के बाद उसके वारिसों को नौकरी दी जाए, ठेकेदारी सिस्टम खत्म करके नगर काउंसिल के माध्यम से भर्ती की जाए। इस मौके पर मदन लाल, सुरेश कुमार, कमलेश कुमार, सोनू, राजेश बागड़ी, दीपक कुमार, सुभाष कुमार, शाम बेदी, अशोक कुमार, ओम प्रकाश, तरसेम कुमार मौजूद थे।
सफाई कर्मियों के समर्थन में आईं पूनम कांगडा
संगरूर। सफाई कर्मियों के मरणव्रत आंदोलन पर बैठी सफाई सेविका ओमा देवी की हालत बिगड़ने लगी है। उनका हाल पूछने अपने समर्थकों के साथ पहुंचीं पंजाब यूथ कांग्रेस की महासचिव पूनम कांगड़ा ने इस संघर्ष में समर्थन देने का एलान किया। पूनम कांगड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार को दलितों की हालत पर तरस नहीं आ रहा।
दुख की बात है कि मरणव्रत पर बैठी महिला के लिए न तो कोई मेडिकल टीम और न ही एंबुलेंस का कोई प्रबंध किया हुआ है। पंजाब सरकार जानबूझकर सफाई कर्मियों की मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही। यदि 20 नवंबर तक सफाई कर्मियों की मांगों को पूरा न किया तो वह खुद कांग्रेसी वर्करों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।