ई वार्डों में दूषित पेयजल सप्लाई होने से लोगों को भारी दिक्कतों का समाना करना पड़ा रहा है। दूषित पानी आने की शिकायतें लगातार आ रही हैं, लेकिन काउंसिल प्रशासन इस गंभीर मामले में सुस्ती बरत रहा है। जनप्रतिनिधि बार-बार मांग कर रहे हैं कि लोगों को स्वच्छ पानी सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
यहां की इंदिरा बस्ती, रामनगर, काउंसिल कार्यालय के सामने रेस्ट हाउस कालोनी समेत अन्य इलाकों में वाटर सप्लाई का गंदा पानी आने की शिकायत आ रही है। पूर्व नगर पार्षद लछमन रैगर ने कहा कि इंदिरा बस्ती में पानी सप्लाई की पाइप लाइनें सीवरेज के मेन होल तथा गंदे पानी में डूबी हैं। इसी कारण सीवरेज के पानी के साथ वाटर सप्लाई का पानी मिक्स हो रहा है। ऐसे में किसी भी समय दस्त अथवा अन्य रोग फैल सकता है।
यहां के कांग्रेस समर्थित पार्षद डॉ. अमित शर्मा ने कहा कि रेस्ट हाउस के नजदीक की कालोनी के लोगों को भी दिक्कतें आ रही हैं। यहां पानी निकासी का प्रबंध नहीं होने के कारण वाटर सप्लाई वाली पाइप लाइनें गंदे पानी में डूब हैं और घरों में गंदा पानी आ रहा है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष संजय गोयल ने काउंसिल के स्वच्छ पेयजल सप्लाई करने के सिस्टम (प्रणाली) पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के कई ट्यूबवेल परिसर गंदगी से सटे पड़े हैं और वहां पानी भी लीक हो रहा है। इसके अलावा जगह जगह पर सीवरेज ठीक करने के लिए गड्ढे खोद रखे हैं और वाटर सप्लाई की पाइप लाइनों में गंदा पानी मिक्स हो रहा है। उन्होंने मांग की कि समय समय पर पानी के नमूनों की जांच की जाए।
काउंसिल अध्यक्ष भागीरथ राय गोयल ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में गंदा पानी आने की शिकायतें आई हैं और अधिकारियों को तुरंत समस्या का समाधान करने के आदेश दिए गए हैं। ट्यूबवेल परिसरों के भीतर भी सफाई प्रबंध तुरंत दुरुस्त करवाए जाएंगे।
सुनाम शहर की बात की जाए तो यहां काउंसिल ने करीब आठ हजार पानी के कनेक्शन दिए हुए हैं और शहर में 12 ट्यूबवेल स्थापित हैं। इनमें से ब्वाय स्कूल के नजदीक स्थापित दो ट्यूबवेलों, पशु अस्पताल के पास दो ट्यूबवेलों, स्टेडियम में स्थापित एक तथा काउंसिल की नाक के नीचे स्थापित ट्यूबवेल परिसर गंदगी से अटे हैं। उक्त स्थलों पर घास व कूड़ा कर्कट भी पड़ा है।