पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी से डा. सदीक को सम्मानित करते वीसी डा. जसपाल सिंह।
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि परमात्मा एक है का संकल्प गुरु नानक देव जी और शेख फरीद को धर्म व रूहानियत के दायरे में एक-दूसरे के नजदीक लाता है। यही पक्ष शेख फरीद के पवित्र श्लोकों को गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज करने का मुख्य कारण बना। गुरु नानक और फरीद को अलग-अलग तौर पर देखा नहीं जा सकता है, क्योंकि शेख फरीद की वाणी गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र वाणी का हिस्सा बन गई।
वीसी सिंह शुक्रवार को यूनिवर्सिटी के बाबा फरीद सेंटर फार सूफी स्टडीज की ओर से नेशनल काउंसिल फार प्रमोशन आफ उर्दू लैंग्वेज नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित बाबा फरीद सूफी लेक्चर के मौके पर बोल रहे थे। यह लेक्चर सूफीवाद की लौ में गुरु नानक साहिब का दार्शनिक सिद्धांत विषय पर था। इस मौके पर वीसी की ओर से डा. सदीक प्रोफेसर आफ उर्दू दिल्ली यूनिवर्सिटी और सचिव उर्दू अकादमी दिल्ली को सम्मानित किया गया। इससे पहले सेंटर के डायरेक्टर डा. नासिर नकवी ने लेक्चर के विषय के बारे में जानकारी दी। सेंटर की एडिशनल डायरेक्टर डा. धनवंत कौर ने आए मेहमानों का धन्यवाद किया।