माकपा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर बढ़ोतरी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देने की मांग की है।
पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन की ओर से सरकारी महिंदरा कालेज में धरना दिया गया। इस मौके पर स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि कालेज प्रशासन अपनी मनमर्जी के साथ फंडों व जुर्मानों के नाम पर स्टूडेंट्स की लूट कर रहा है।
जब स्टूडेंट्स शिकायत लेकर प्रिंसिपल के दफ्तर में जाते हैं, तो उनको दफ्तर में दाखिल नहीं होने दिया जाता है। इस मौके पर धरनाकारी स्टूडेंट्स ने कालेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्टूडेंट लीडरों हरदीप सिंह, अरमान, गगन व अन्य ने बताया कि एससी/एसटी स्टूडेंट्स की फीस बिल्कुल माफ है, लेकिन फिर भी उनसे फंड के रूप में शिकायत फीस भराई जा रही है। स्टूडेंट्स ने यह मसला एक महीने पहले ही प्रशासन के ध्यान में ला दिया था।
पीटीए संविधान के विपरीत स्टूडेंट्स के पैसे उनके हित में लगाने के बजाय प्रिंसिपल दफ्तर के फर्नीचर व एसी और अन्य साजो-सामान पर खर्च किए जा रहे हैं। यह स्टूडेंट्स के साथ बेइंसाफी है। एक तरफ आज कालेज में सालाना पुरस्कार वितरण समारोह चल रहा था, दूसरी तरफ स्टूडेंट्स ने कैंपस में इकट्ठे होकर धरना दिया। मांग की गई कि एससी/एसटी एक्ट के तहत कालेज के प्रिंसिपल व कालेज अथारिटी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। पीटीए फंड व जुर्मानों के नाम पर स्टूडेंट्स की लूट बंद की जाए। पीटीए प्रस्ताव सार्वजनिक किए जाएं। एससी/एसटी से भराई फीस वापस की जाए। स्टूडेंट्स के यह मसले हल न करने पर प्रिंसिपल अपना इस्तीफा दें।