पटियाला में स्कूल के विरोध में रोष व्यक्त करते अभिभावक।
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बुड्ढा दल पब्लिक स्कूल के कुछ स्टू़डेंट्स के अभिभावकों की ओर से स्कूल की फीसें जमा न कराने कारण स्कूल ने इन बच्चों के नतीजे रोक लिए।
इस मामले को लेकर मंगलवार को स्कूल में हंगामा हो गया। इन अभिभावकों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहले ही सालाना फीस के मामले में चल रहे केस की सुनवाई के दौरान एक अलग अर्जी लगाकर स्कूल को 167 स्टूडेंट्स के रोके हुए नतीजे घोषित किए जाने की हिदायत करने की मांग की थी। 11 अप्रैल को हाईकोर्ट के जज आरके जैन की अदालत ने इस अर्जी का निपटारा करते हुए स्कूल को नतीजे घोषित करने की हिदायत की थी।
इसके मद्देनजर मंगलवार को अभिभावकों ने अपने बच्चे स्कूल भेज दिए। स्कूल ने अदालत का यह आदेश न मिलने की बात कहकर बच्चों का नतीजा घोषित नहीं किया और स्टूडेंट्स को एक लैब में बैठाकर उनके बैग किसी और जगह रखवा लिए।
इसी दौरान स्कूल पहुंचे स्टूडेंट्स के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को भूखा रहना पड़ा और तीन स्टू़डेंट्स की हालत खराब होने पर उन्हें राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया। इस मुद्दे को लेकर अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा कर दिया और कई अध्यापकों के साथ इस दौरान बदसलूकी भी हुई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची।
स्कूल प्रिंसिपल डा. अमृत औजला ने कहा कि उनको हाईकोर्ट के आदेश न मिलने करके स्टूडेंट्स को क्लास की जगह एसी लैब में बिठाया गया और साथ ही कंटीन के खाने-पीने का प्रबंध था। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि स्टूडेंट्स को लैब में बंद किया गया था। आरोप लगाया कि अभिभावकों ने अध्यापिकाओं के साथ धक्का-मुक्की की है, जिसकी शिकायत पुलिस के पास की गई है।