संगरूर में भूख हड़ताल पर बैठे एसएसए, रमसा टीचर।
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आठ साल से ठेका आधारित सेवाएं शिक्षा विभाग के अधीन लाकर रेगुलर करवाने और रुके वेतन जारी करवाने की मांग को लेकर सोमवार को एसएसए रमसा अध्यापक यूनियन ने डीसी दफ्तर के सामने भूख हड़ताल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन के जिला महासचिव गुरप्रीत पिशौर और प्रदेश कमेटी सदस्य अमन वशिष्ठ ने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत भर्ती करीब बारह हजार अध्यापक, हेडमास्टर और लैब अटेंडेंट आठ साल से सरकार की अनदेखी का शिकार हैं। सरकार नियमों के तहत भर्ती होने के बावजूद एसएसए रमसा अध्यापकों को रेगुलर करने में टालमटोल कर रही है। इससे अध्यापकों में रोष है।
यूनियन नेता दिनेश बजाज, अवतार सिंह और निखलेश जैन ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार न करके उन्हें संघर्ष के लिए विवश कर रही है। अब इन अध्यापकों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। सतनाम सिंह और नूतन कपूर ने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों को मानने की बजाय उनपर डंडे बरसाकर जेलों में बंद कर रही है और उनपर झूठे मामले बनाए जा रहे हैं। इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा न किया गया तो वह सरकार के खिलाफ पोल खोल अभियान चलाएंगे। मौके पर यूनियन के नेता गगन कुप, दिनेश बांसल, सज्जाद, नूर मोहम्मद, जावेद, पवन कुमार, गुरजंट जखेपल, सुखदेव भुटाल, पंकज कुमार, रामवीर सिंह मौजूद थे।