संगरूर में खाली थालियां खड़काकर रोष जाहिर करते एसएसए रमसा अध्यापक।
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काम के बदले बीते समय से वेतन न मिलने से खफा एसएसए/रमसा अध्यापकों ने शहर में खाली थालियां खड़काकर रोष प्रदर्शन किया। यूनियन के जिलाध्यक्ष निर्भय सिंह ने कहा कि नियम के अनुसार मुलाजिमों को बीते महीने का वेतन अगले महीने की सात तारीख तक देना होता है। इसमें लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन एसएसए/रमसा अध्यापकों को बीते चार महीनों से वेतन नहीं दिया गया। यूनियन के जिला नेता अमन वशिष्ट ने कहा कि देश के श्रम कानूनों के तहत 240 दिनों की सेवा निभा चुके हर मुलाजिम को रेगुलर किया जाना होता है। वह सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यम शिक्षा अभियान के तहत 240 दिनों ही नहीं बल्कि लगभग सात आठ साल की सेवा निभा चुके हैं, लेकिन उन्हें रेगुलर नहीं किया गया। इससे उनमें भारी रोष पाया जा राह है। इस मौके पर दिनेश बजाज, पंकज कुमार, नूतन कपूर, पवन कुमार, मेघराज, गुरजीत शर्मा, निखिलेश जैन, दिनेश कुमार, सतनाम सिंह और गगन कूप मौजूद थे।