बेरोजगारों ने प्रदेश सरकार का पुतला जलाया, की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
संगरूर। रोजगार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के आवास के सामने पहुंचे बेरोजगारों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार का पुतला जलाया और नारेबाजी की।
बेरोजगार आगे बढ़ने पर अड़े थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीन से चार बार झड़प हुई। इसके बाद बेरोजगारों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। इससे पहले, बेरोजगार सांझा मोर्चा के नेताओं सुखविंदर सिंह ढिल्लवां, रमन कुमार मलोट, अमन सेखा, हरजिंदर झुनीर और गुरप्यार सिंह के नेतृत्व में शहर में रोष मार्च निकाला गया। बेरोजगारों का आरोप है कि 2 अक्तूबर को मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के साथ निर्धारित बैठक नहीं हुई। अब प्रमुख सचिव के साथ अगली बैठक 3 नवंबर के लिए तय की गई है। बेरोजगारों की मुख्य मांगों में 55 फीसदी अनिवार्य अंकों की शर्त रद करना, आयु सीमा में छूट देना और मास्टर कैडर के 15,000 पदों पर भर्ती जारी करना शामिल है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में सभी खाली पदों को आयु सीमा में छूट देकर भरने की मांग की। मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर पुरुषों के सभी खाली पद भी आयु सीमा में छूट देकर भरे जाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, आर्ट एंड क्राफ्ट के 250 पदों के लिए लिखित परीक्षा और 785 लाइब्रेरियन पदों को तत्काल भरने की मांग की गई। कोरोना स्वयंसेवकों को बिना शर्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नियमित करने की भी मांग उठाई गई।