जबलपुर हाइकोर्ट भी दे चुका है फैसला
डल्लेवाल ने कहा कि 2018 में जबलपुर हाइकोर्ट भी फैसला कर चुका है कि किसी भी एपीएमसी मंडी में किसी भी फसल की पहली बोली सरकार द्वारा घोषित एमएसपी से नीचे नहीं होनी चाहिए। लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद भी हाइकोर्ट के उस फैसले का सम्मान नहीं किया जा रहा है। डल्लेवाल ने कहा कि जब तक वाहेगुरु का आशीर्वाद है तब तक उन्हें कुछ नहीं होगा, केंद्र सरकार को बिना देरी के किसानों के मुद्दों का हल करने का प्रयास करना चाहिए।
डल्लेवाल जब भी बुलाएंगे, कमेटी के सदस्य आएंगे
मीडिया से बात करते पूर्व जज नायब सिंह ने कहा कि उनकी वाहेगुरू से यही अरदास है कि डल्लेवाल सेहतमंद रहें। कमेटी की तरफ से डल्लेवाल को अपील की गई है कि वह मेडिकल ट्रीटमेंट ले लें। किसानों से बात करके उनके मसले हल करने की कमेटी की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है। डल्लेवाल को वादा किया गया है कि वह जब भी बुलाएंगे, कमेटी के सदस्य आएंगे। आज जो भी बातचीत हुई है, इसकी रिपोर्ट कमेटी को सौंपी जाएगी।
डल्लेवाल को हो रही उल्टियां
उन्होंने साफ किया कि कमेटी के पास केंद्र के साथ बातचीत करने की अथॉरिटी नहीं है। कमेटी अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। गौरतलब है कि शनिवार को खनौरी बॉर्डर पर किसान महापंचायत के बाद से डल्लेवाल की हालत काफी नाजुक बनी हुई है। उन्हें बार-बार उल्टियां हो रही हैं और बोलने में भी दिक्कत हो रही है।