पटियाला। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे बाद पटियाला से सीएम सिटी का दर्जा भले ही छिन गया हो, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू के कारण पटियाला एक बार फिर राजनीति के बड़े केंद्र के तौर पर उभरा है। मंगलवार को जैसे ही नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस प्रधान के पद से इस्तीफा दिया, उनके पटियाला स्थित आवास पर विधायकों व कैबिनेट मंत्रियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। बड़ी बात यह रही कि पंजाब कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गुलजार इंद्र चहल और इसके बाद कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने पटियाला में सिद्धू से उनके घर पर मिलने के बाद अपने इस्तीफे दिए।
इस्तीफे की खबर सामने आते ही सबसे पहले कुलजीत सिंह नागरा, विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया और पंजाब कांग्रेस के कैशियर गुलजार इंद्र सिंह चहल पहुंचे। सिद्धू से मुलाकात कर चहल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। शाम के वक्त कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना अपने पति मोहम्मद मुस्तफा साथ पहुंचीं। उन्होंने भी अंदर जाते ही कुछ मिनट बाद इस्तीफा दे दिया।
शॉकिंग नहीं इस्तीफे की खबर, हालात ही ऐसे बन गए थे : मोहम्मद मुस्तफा
बुधवार शाम को अपनी पत्नी कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के साथ पटियाला में सिद्धू के आवास पर पहुंचे पंजाब पुलिस से वरिष्ठ पद से रिटायर हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी व सिद्धू के सलाहकार मोहम्मद मुस्तफा ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि सिद्धू के करीबियों के लिए उनके इस्तीफे की खबर बिल्कुल भी शॉकिंग नहीं है। क्या करें, पार्टी में हालात ही कुछ ऐसे बन गए थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने माना कि सरकार में कुछ ऐसे फैसले लिए गए, जो पंजाब कांग्रेस प्रधान को पसंद नहीं थे।
कुछ फैसले ऐसे हुए, जो प्रधान को नागवार रहे : रजिया सुल्ताना
इस मौके रजिया सुल्ताना ने भी कहा कि सरकार में कुछ फैसले ऐसे हुए, जो पंजाब कांग्रेस प्रधान को नागवार रहे। साथ ही कहा कि सिद्धू सिद्धांतों वाले व्यक्ति हैं। उन्हें किसी तरह का कोई लालच नहीं है। वह केवल पंजाब व पंजाबियत की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं।