पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर तारा सिंह स्मृति समारोह मौके पुस्तक रिलीज करते वीसी डा. जसपाल सिंह।
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने गुरमत संगीत का विश्व स्तर पर प्रचार किया है। इसमें प्रोफेसर तारा सिंह के कामों का विशेष योगदान है। प्रोफेसर तारा सिंह ने गुरमत संगीत के प्रचार-प्रसार के लिए एक संस्था की तरह काम किया, इसलिए आज उनकी याद में स्मृति समारोह कराए जा रहे हैं।
वीसी सिंह पीयू की गुरमत संगीत चेयर की ओर से गुरमत संगीत विभाग व गुरमत ज्ञान ऑनलाइन स्टडी सेंटर के सहयोग से आयोजित गुरमत संगीताचार्य प्रोफेसर तारा सिंह स्मृति समारोह मौके बोल रहे थे। इस मौके पर पद्मश्री भाई निर्मल सिंह खालसा को इस बार का प्रोफेसर तारा सिंह स्मृति अवार्ड दिया गया।
इस मौके पर भाई निर्मल सिंह पद्मश्री ने कहा कि गुरमत संगीत के रबाबियों, कीर्तनकारों का योगदान रागों, कीर्तन शैलियों, टकसालों व घरानों के पक्ष से विशेष है। खुशी है कि पीयू इन की अकादमिक स्तर पर सुरक्षा, संभाल, अध्ययन और अध्यापन करवा रही है। गुरमत संगीत विभाग के प्रमुख डा.
गुरनाम सिंह ने कहा कि गुरमत ज्ञान ऑनलाइन स्टडी सेंटर की ओर से गुरमत संगीत के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के लिए विशेष काम किए जा रहे हैं। इसके तहत गुरमत संगीत में बीए, एमए के आन लाइन कोर्स शुरू किए गए हैं।
इस मौके पर प्रोफेसर तारा सिंह की ओर से लिखी और डा. गुरनाम सिंह व सुरजीत कौर की ओर से संपादित पुस्तक गुरु गोबिंद सिंह राग रत्नावली का दूसरा संस्करण रिलीज किया गया। इस मौके पर समाज सेवक एसपी सिंह ओबेराय भी मौजूद रहे।