पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में वीसी दफ्तर के बाहर नारेबाजी करते स्टूडेंट्स।
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बीए (सोशल साइंस) की फीस में बढ़ोतरी के विरोध में पंजाबी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स भड़क उठे हैं। बुधवार को पीयू स्टूडेंट्स ने वीसी दफ्तर के आगे धरना दिया और जोरदार नारेबाजी की। इस मौके पर कुछ कोर्सों की समय अवधि बढ़ाने का भी विरोध किया गया। धरना देने वाली जत्थेबंदियों में पंजाब स्टूडेंट यूनियन, एआईएसएफ, डीएसओ, पीएसयू (ललकार) और एसएफआई शामिल रहीं।
पंजाबी यूनिवर्सिटी ने नए शिक्षण सत्र 2016-17 से बीए (सोशल साइंस) की फीस में 100 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है। पिछले साल पूरे साल की फीस 20845 रुपये थी, जो इस बार बढ़ाकर 38474 रुपये कर दी गई है। इसके विरोध में स्टूडेंट्स जत्थेबंदियां यूनिवर्सिटी प्रशासन को 15 दिनों से मिल रही हैं, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई भी सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। मजबूर होकर स्टूडेंट्स जत्थेबंदियों ने आज वीसी दफ्तर के आगे सिंडीकेट बैठक के दौरान नारेबाजी की। कुछ देर बाद यूनिवर्सिटी के रजिस्टरार डा. दविंदर सिंह स्टूडेंट्स के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हो गए। इस दौरान रजिस्टरार ने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों में मेरिट सूची जारी करने से पहले बढ़ी फीसों के बारे में फैसला वापस लिया जाएगा।
इसके अलावा स्टूडेंट्स ने धरने दौरान टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट और होटल मैनेजमेंट के बैचलर कोर्सों की समय अवधि तीन साल से बढ़ाकर चार साल करने का विरोध किया। जत्थेबंदियों ने मांग की कि यूनिवर्सिटी प्रशासन यह स्पष्टीकरण दे कि इन कोर्सों का अरसा तीन साल से बढ़ाकर चार साल किन नियमों के तहत किया गया है। स्टूडेंट्स ने चेतावनी दी कि अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फीस में की बढ़ोतरी वापस न ली, तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज किया जाएगा। धरने को स्टूडेंट लीडरों गुरसेवक, अमरजीत, अजैब, गुरप्रीत, जसमीत ने संबोधित किया।