रखड़ पुण्या में वारिस पंजाब दे अकाली दल की काॅन्फ्रेंस
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पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच अकाली दल वारिस पंजाब दे के राजनीतिक दल के रूप में सामने आने से सियासी समीकरण बदलने की चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीण मालवा में संगठन की सक्रियता बढ़ रही है और युवाओं के बीच इसके कार्यक्रमों में भीड़ दिखाई दे रही है।
दो संसदीय सीटों पर 2024 में मिली जीत के बाद संगठन का प्रभाव खासकर पंथक क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है।2024 के लोकसभा चुनाव में डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह ने खड़ूर साहिब से निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,97,120 वोटों से हराया।
वहीं फरीदकोट सुरक्षित सीट से सरबजीत सिंह खालसा ने 70,053 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। इन नतीजों ने पंथक मुद्दों और पारंपरिक दलों के प्रति असंतोष के बीच नए राजनीतिक आधार की ओर संकेत किया था।