फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में महाहड़ताल: मांगों के लिए सड़क पर उतरे तीन लाख कर्मचारी, सीएम बोले-बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं

Thu, 27 Aug 2026 01:19 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में डीए बढ़ोतरी व बकाया भुगतान, पुरानी पेंशन बहाली, पेंशन संशोधन, विभागीय श्रेणियों का वेतन संशोधन, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, मानदेय बढ़ाना और कटे भत्ते बहाल करना शामिल है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग के लाभ, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, ग्रेच्युटी बढ़ोतरी, तबादला नीति में संशोधन और अदालत के फैसलों का लाभ देने की मांग भी है।
विज्ञापन
फिरोजपुर में हड़ताल - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विभिन्न मांगों के समर्थन में पंजाब के करीब तीन लाख कर्मचारी आज हड़ताल पर चले गए हैं।

विज्ञापन


सवा तीन लाख पेंशनर्स भी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप है जबकि अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।

वहीं हड़ताल के बीच सीएम भगवंत मान ने दो टूक कहा कि बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकतीं। सरकार हर मुद्दे का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी, जब हड़ताल वापस ली जाएगी। मान ने कहा कि कर्मचारी हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं और उनकी हर जायज चिंता को सुनने के लिए हम तैयार हैं।
विज्ञापन





फिरोजपुर में विभिन्न सरकारी विभागों की मुलाजिम जत्थेबंदियों ने अपनी मांगों के समर्थन में वीरवार को डीसी दफ्तर के सामने धरना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।

मुलाजिम नेताओं ने कहा कि वे पिछले लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के साथ किए कई वादे अभी तक पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को मुलाजिमों की समस्याओं का समाधान करते हुए लंबित मांगों को जल्द लागू करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

सुधार में गुरु हरगोबिंद खालसा कॉलेज के सामने प्रदर्शन
लोकतांत्रिक शिक्षक मोर्चा (डीटीएफ) की ओर से लुधियाना-बठिंडा राजमार्ग पर कस्बा गुरुसर सुधार बाजार स्थित गुरु हरगोबिंद खालसा कॉलेज के सामने सुबह करीब साढ़े नौ बजे धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। धरने के दौरान शिक्षक नेताओं और कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

डीटीएफ के जिला लुधियाना सचिव हरजीत सिंह सुधार ने कहा कि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते को लंबे समय से दबाकर रखा हुआ है। सरकार की ओर से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का वादा किया गया था, लेकिन साढ़े चार साल बीतने के बावजूद कर्मचारी अपने हक का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग के बकाये का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्रामीण भत्ते समेत 37 प्रकार के भत्ते बंद कर दिए हैं, जबकि कच्चे कर्मचारियों को भी लंबे समय से नियमित नहीं किया जा रहा। स्कूलों में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों, चौकीदारों और मिड-डे मील कर्मचारियों को बेहद कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।   
विज्ञापन

कर्मचारियों के हक के लिए कांग्रेस उनके साथ: वड़िंग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकारी कर्मचारियों की महा हड़ताल का समर्थन करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर कर्मचारियों के साथ गंभीर अन्याय और वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी कर्मचारी आज सड़कों पर इसलिए उतरने को मजबूर हैं, क्योंकि सरकार उनके जायज बकायों का भुगतान नहीं कर रही है।

राजा वड़िंग ने कहा कि कर्मचारियों की ‘महा हड़ताल’ इस बात की बड़ी याद दिलाती है कि सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को किस तरह निराश और उनके साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार उन्हें आंदोलन करने और न्याय के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाने को मजबूर कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के लंबित डीए बकाये को जारी करने के लिए तैयार नहीं है। साथ ही पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने को लेकर किए गए वादे को भी पूरा नहीं किया जा रहा है।

राजा वड़िंग ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके जायज हक से वंचित करना सरकार की गंभीर विफलता है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस और उसके सभी कार्यकर्ता कर्मचारियों व पेंशनरों के संघर्ष में मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की जायज मांगों का तत्काल समाधान करने, लंबित डीए बकाये का भुगतान करने और ओपीएस लागू करने का अपना वादा पूरा करने की मांग की।

सुखबीर बादल ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना
शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कर्मचारियों के ‘महाबंद’ को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब का ‘महा बंद’ सरकार के ‘महा कुप्रबंधन’ और ‘महा भ्रष्टाचार’ का परिणाम है।

बादल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि पंजाब के सरकारी कर्मचारियों का हजारों करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता (डीए) लंबित है। उन्होंने कहा कि करीब तीन लाख सरकारी कर्मचारी आकस्मिक अवकाश पर हैं जबकि चार लाख पेंशनर अपने बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियों के कारण लाखों परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

शिअद अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अदालत के निर्देशों और कर्मचारियों के बार-बार विरोध प्रदर्शनों के बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय बहाने बना रही है। उन्होंने सरकार पर लगातार कर्ज लेने और कथित तौर पर बाहरी कंपनियों को करोड़ों रुपये की कॉन्ट्रैक्ट फीस देने का भी आरोप लगाया।

बादल ने कहा कि पंजाब के मेहनतकश कर्मचारियों के साथ सरकार का रवैया अस्वीकार्य है और इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारी और पेंशनर इस कथित अपमान को न तो भूलेंगे और न ही माफ करेंगे।

शिअद अध्यक्ष ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार के ‘महा पतन’ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें