पटियाला में अपना नामांकन भरते कैप्टन अमरिंदर सिंह।
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पटियाला में नामांकन दाखिल करने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बड़ा सियासी हमला बोलते सीएम चरणजीत सिंह पर उनकी पीठ में छुरा घोंपने के आरोप लगाए। कैप्टन ने कहा कि जब पंजाब में उनकी सरकार थी, तो उन्होंने मीटू में फंसे चन्नी को बचाया। चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा उनके खिलाफ पिछले दो सालों से साजिश रच रहे थे। कैप्टन ने कहा कि चन्नी महत्वाकांक्षी है और यह सब उन्होंने सीएम की कुर्सी पाने के लिए किया।
कैप्टन ने कहा कि चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू दोनों ही पंजाब के मुख्यमंत्री बनने के लायक नहीं हैं। चन्नी एक मंत्री बनने से अधिक योग्यता नहीं रखता, दूसरी तरफ सिद्धू अस्थिर और अत्याधिक महत्वाकांक्षी है। कैप्टन ने कहा कि पंजाब के हित में इन दोनों का सीएम बनना नहीं है।
कैप्टन ने एक बार फिर से पंजाब सरकार के मंत्रियों के नाजायज माइनिंग में शामिल होने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस बारे में पार्टी हाईकमान को जानकारी है। इस मौके पर कैप्टन ने कांग्रेस द्वारा सीएम उम्मीदवार के बारे में पार्टी वर्करों और लोगों से राय लेने के एलान को ड्रामाबाजी करार दिया। उन्होंने कहा कि विधायक लोगों के चुने नुमाइंदे होते हैं। आज तक तो सीएलपी मीटिंग में ही सीएम के बारे में फैसला होते आया है। कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है, बावजूद इसके पहली बार इतनी दुविधा में देखा जा रहा है, जो अंतिम सूची चुनावों के इतने नजदीक आकर जारी की जा रही है।
सिद्धू 100 फीसदी हारेगा, अमृतसर से लड़ने के चैलेंज को मानने से किया इनकार
कैप्टन ने कहा कि अमृतसर पूर्वी सीट से इस बार सिद्धू 100 फीसदी हारेगा, क्योंकि अभी तक वह भाजपा के कारण यहां से भारी गिनती में हिंदू वोट हासिल करता रहा है। ऐसा इस बार नहीं हो सकेगा। कैप्टन ने अपने ऊपर लग रहे आरोप कि बिक्रम सिंह मजीठिया को अमृतसर पूर्वी से सिद्धू के खिलाफ उन्होंने उतारा है, को गलत बताया। इसके साथ सिद्धू द्वारा उनको अमृतसर से लड़ने के दिए जा रहे चैलेंज को मानने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह वहां से क्यों लड़ेंगे। एक सवाल के जवाब में कैप्टन ने बताया कि पंजाब में चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह आएंगे।