पंजाब बैंक कर्मचारी फेडरेशन एवं एबीआईओए के आह्वान पर स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के हेडआफिस के सामने बैंक कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान एसके गौतम, महासचिव, पंजाब बैंक कर्मचारी फेडरेशन, विनोद शर्मा, राकेश चौधरी ने बताया कि आल इंडिया बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए), आल इंडिया बैंक अधिकारी संघ (एआईबीओए) एवं बैंक कर्मचारी फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) के बैनर तले पांच लाख रुपये से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों को विमुद्रीकरण योजना के लागू करने से होने वाली कठिनाइयां और बैंकों में बड़े अशोध्य ऋणों की प्रभावी वसूली की मांग को उठाने के लिए सात फरवरी को हड़ताल करना प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के कारण परेशानी हो रही है। अब भी बैंक की शाखाएं नकदी की आवश्यकता आधारित जरूरत को पूरा करने में असमर्थ हैं। उन्होंने मांग की कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं कोऑपरेटिव बैंकों समेत सभी बैंकों एवं शाखाओं में नकदी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अधिकांश एटीएम खाली पड़े हैं।
मांग है कि सभी एटीएम में तुरंत नकदी भरी जाए तथा एटीएम में नकदी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सरकार द्वारा 50 दिन के वादे के बावजूद ग्राहकों को अभी भी प्रतिबंधित नकदी दी जा रही है। हमारी मांग है कि ग्राहकों द्वारा नकदी के निकालने पर सभी प्रतिबंधों को हटाया जाए। निजी बैंकों द्वारा उदारतापूर्वक नकदी दी जा रही है।
बैंकों की नकदी की आपूर्ति में भेदभाव को रोका जाए तथा बैंकों को नकदी की आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। कुछ बड़े व्यक्तियों के पास पाए गए नए नोटों के मामलों पर सीबीआई जांच की घोषणा की जाए, ऐसे में जब शाखाओं में नकदी की भारी कमी है। आम जनता, बैंक ग्राहकों एवं बैंक स्टाफ के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग करते हैं, जिन्होंने विमुद्रीकरण के दौरान अपनी जानें गवाई हैं।
बैंक स्टाफ के साथ शोषण को रोकने के लिए सभी बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए कानून एवं व्यवस्था बनाई जाए जिससे उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए।