पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी (पीयू) को केंद्र सरकार से 40 करोड़ के तीन प्रोजेक्ट मिले हैं। इन्हें विभिन्न आईआईटी और आईआईआईटी के सहयोग से पूरा किया जाएगा। पीयू इन प्रोजेक्टों के जरिये 16 भाषाओं के मशीनी अनुवाद, मशीनी लिपांतरण और ऑप्टिकल करेक्टर रिकॉगिनेशन के क्षेत्र में काम करेगी।
इनमें पंजाबी, सिंधी, उर्दू, कश्मीरी, बलौची, पश्तो व संस्कृत आदि भाषाएं शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट तीन साल के लिए हैं। यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफेसर अरविंद ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से रोजगार के मौके भी पैदा होंगे। तकनीकी पक्ष और भाषाओं के पक्ष से बहुत सारे विशेषज्ञों/विद्यार्थियों को काम करने का मौका दिया जाएगा। पंजाबी भाषा को नई तकनीक और नए विषयों से जोड़ने की जरूरत है।
पंजाब सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
प्रोफेसर अरविंद ने कहा कि पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने के लिए इंजीनियरिंग व मेडिकल के क्षेत्र की पढ़ाई इस भाषा में उपलब्ध होनी चाहिए। इस संबंधी अध्ययन सामग्री पंजाबी यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार कराई जा सकती है। ऐसी सामग्री को बनाने का तब ही लाभ हो सकता है, जब इसके इस्तेमाल के लिए जरूरी कोर्स उपलब्ध हों। वीसी ने कहा कि जल्द पंजाब सरकार को इस संबंधी प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। वीसी ने बताया कि पीयू की ओर से पंजाबी भाषा को तकनीकी पक्ष को मजबूत करने के लिए सफलतापूर्वक काम किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार किए गए मशीनी लिपांतरण के साफ्टवेयर अखर का इस्तेमाल करते हुए भाई वीर सिंह की कविताओं का शाहमुखी लिपि रूप जल्द प्रकाशित कराया जा रहा है।