वीरवार को पटियाला में मांगों को लेकर धरना देते किसान।
- फोटो : PATIALA
सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करते हुए भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने अपने परिवार की महिलाओं के साथ पुडा ग्राउंड में धरना दिया। दिन-रात के इस धरने में किसानों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
किसान नेताओं जोगिंदर सिंह उगराहां, करनैल सिंह लंग, जसविंदर सिंह सोमा ने कहा कि लोक पक्षीय बुद्धिजीवियों पर केंद्र सरकार की ओर से जो पर्चे दर्ज किए गए हैं उन्हें तुरंत रद्द किया जाए। साथ ही जो बुद्धिजीवी जेलों में बंद हैं उन्हें भी रिहा किया जाए। केंद्र सरकार की ओर से पास खेती अध्यादेश किसानों और मजदूरों को तबाह कर देंगे। इन तीनों अध्यादेशों से पंजाब का मंडी प्रबंध पूरी तरह से तहस-नहस हो जाएगा। राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर की सरकारी खरीद एजेंसियां मंडी से बाहर हो जाएंगी। किसानों को अपनी फसल की बिक्री के लिए कारपोरेट घरानों व बड़े प्राइवेट व्यापारियों के रहमोकरम पर छोड़ दिया जाएगा। इन अध्यादेशाें को किसी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही किसानों ने कैप्टन सरकार को भी घेरा। सरकार से घर-घर रोजगार देने, नशे के कारोबार का खात्मा करने, और सरकारी मंडी प्रबंध को और मजबूत करने की मांग की गई।
वीरवार को पटियाला में मांगों को लेकर धरना देती किसान परिवारों की महिलाएं।- फोटो : PATIALA
वीरवार को पटियाला में मांगों को लेकर धरना देते किसान।- फोटो : PATIALA