पटियाला में एक कार्यक्रम के दौरान निजी एजूकेशन कालेजों की सांझी फेडरेशन के नुमाइंदे उच्च शिक्षा मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को मांग पत्र सौंपते हुए।
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उच्च शिक्षा मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने कहा कि मौजूदा समय में पंजाब में केवल 20 फीसदी बच्चे ही उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं, लेकिन पंजाब सरकार की ओर से राज्य में नए कालेज खोलकर और जरूरी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाके इस दर को 30 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य बनाया गया है, लेकिन इस मुकाबले बाजी के युग में लक्ष्य की प्राप्ति स्तरीय शिक्षा के बिना संभव नहीं है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थाओं को अपील की कि वह स्तरीय शिक्षा प्रदान करने में कोई कसर बाकी न छोड़ें। वह पंजाबी यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के साथ एफीलिएटेड एजुकेशन कालेजों की सांझी जत्थेबंदी फेडरेशन आफ सेल्फ फाइनेंस कालेज आफ एजुकेशन की ओर से हरपाल टिवाना कला केंद्र में कराए समागम को संबोधित कर रहे थे। रखड़ा ने इस मौके पर निजी कालेजों की ओर से बताई मुश्किलों के जल्द हल का भरोसा दिलाया।
रखड़ा ने कहा कि उच्च शिक्षा के प्रसार में सरकारी के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थाओं का भी बड़ा योगदान है। बिना सरकार की वित्तीय मदद के इन करीब 208 कालेजों की ओर से बीएड और ईईटी की पढ़ाई उपलब्ध करवाके उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान डाला जा रहा है। इस मौके पर इन शिक्षण संस्थाओं की फेडरेशन के प्रदेश प्रधान जगजीत सिंह धुरी ने कहा कि उनकी संस्थाएं सरकार की बिना किसी वित्तीय मदद के चल रही हैं। यूजीसी, एनसीटीई और पंजाब की यूनिवर्सिटियों के नियमों में बराबरता न होने के कारण उनको भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रखड़ा से मांग की कि सारे नियमों में बराबरता लाई जाए और पुरानी शिक्षण संस्थाओं पर सीएलयू की लगाई शर्त खत्म की जाए। इस मौके पर रखड़ा को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया।