मंडी गोबिंदगढ़ के जीपीएस स्कूल में चैकिंग करके वापिस आते जिला शिक्षा अधिकारी रविंदर सिंह।
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जिला शिक्षा अधिकारी रविंदर सिंह के नेतृत्व में 30 टीमों के करीब 40 शिक्षा अधिकारियों और अध्यापकों ने जिले भर के प्राइवेट स्कूलों में रिकार्ड जांचा। पंजाब में निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों से अधिक फीस और वार्षिक चार्ज लेने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए डायरेक्टर शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों पर शनिवार को यह कार्रवाई की गई। इस दौरान स्कूलों का फीस स्ट्रक्चर, बच्चों से लिए जाने वाले फंड, वार्षिक खर्च, किताबों और स्कूल वर्दी के चार्ज के रिकार्ड की जांच की गई। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान किसी भी स्कूल में कोई भी अनियमितता सामने नहीं आई।
जिला शिक्षा अधिकारी रविंदर सिंह और क्लर्क विनय रत्न ने शनिवार को गोबिंदगढ़ पब्लिक स्कूल (जीपीएस) का दौरा किया और प्रिंसिपल अनिरुद्ध जोशी से मिलकर स्कूल के मौजूदा फीस स्ट्रक्चर, वार्षिक चार्ज, विद्यार्थियों से लिए जाने फंड्स के रिकार्ड को जांचा। प्रिंसिपल जोशी ने डीईओ को बताया कि स्कूल किसी भी अन्य प्राइवेट स्कूल के मुकाबले न तो विद्यार्थियों से अधिक फीस वसूलता है और न ही हमारा कोई एक्सट्रा चार्ज है। स्कूल में अगर विद्यार्थियों को अच्छा माहौल चाहिए या फिर शैक्षणिक टूर पर जाना हो तो अभिभावकों की सहमति से तय सीमा के अनुसार ही खर्च लिया जाता है।
डीईओ रविंदर सिंह ने बताया कि डायरेक्टर शिक्षा विभाग पंजाब को मिल रही अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर शनिवार को सरहिंद, फतेहगढ़ साहिब, अमलोह, मंडी गोबिंदगढ़, खमाणों, बस्सी पठाना आदि के 149 प्राइवेट स्कूल का दौरा किया गया। डिप्टी डीईओ प्रवीन कुमार, जिला सेक्शन अफसर अंकुर वर्मा समेत 40 अधिकारियों-अध्यापकों की 30 टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, फीस, वार्षिक चार्ज, हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई स्कूल सेफ्टी कानून को लागू करने, पंजाबी भाषा को सिलेबस में यकीनी बनाने के लिए दौरा किया गया। जहां कहीं भी कोई समस्या पेश आएगी उसके लिए डायरेक्टर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट तैयार करके भेज दिया जाएगा।