फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: पटियाला जेल में हवालाती की गुंडागर्दी, वार्डन और एडिशनल सुपरिंटेंडेंट पर किया हमला, खुद भी घायल

Sat, 22 Jun 2024 09:25 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला

सार

पटियाला की सेंट्रेल जेल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जेल में बंद एक हवालाती ने जेल अधिकारियों पर हमला कर दिया। हवालाती जेल वार्डन को गले से पकड़ लिया। जब उसे छुड़वाने एडिशनल सुपरिंटेंडेंट आए तो उसने अधिकारी के साथ भी मारपीट की। 
विज्ञापन
जेल - फोटो : प्रतीकात्मक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पटियाला की सेंट्रल जेल में बंद एक हवालाती ने गुंडागर्दी दिखाते हुए वार्डन और जेल के एडिशनल सुपरिंटेंडेंट पर हमला कर दिया। इस मारपीट की घटना में हवालाती भी जख्मी हो गया। इस घटना के दौरान जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल हवालाती जेल में वार्डन द्वारा की जा रही चेकिंग से गुस्से में था।  
विज्ञापन


चेकिंग से भड़के हवालाती जेल वार्डन का गला घोंटने की कोशिश की थी। उसे रोकने आए एडिशनल सुपरिंटेंडेंट के साथ भी आरोपी हवालाती ने हाथापाई की। जेल प्रशासन की शिकायत पर थाना त्रिपड़ी पुलिस ने हवालाती के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोपी हवालाती की पहचान मलकीत सिंह निवासी गुरु रामदास कालोनी जिला तरनतारन के तौर पर हुई है।
 
पुलिस को दी शिकायत में सहायक सुपरिंटेंडेंट करनैल सिंह ने बताया है कि जेल में हाता नंबर 10 की चक्की नंबर 2 की अचानक चेकिंग की गई। इससे भड़के हवलाती मलकीत सिंह ने जेल वार्डन नाजर सिंह के साथ बदतमीजी की। उनके गले में हाथ डालकर घोंटने की कोशिश की। इसी बीच मौके पर मौजूद एडीशनल सुपरिंटेंडेंट ने आरोपी को रोकने की कोशिश की। जवाब में आरोपी उक्त जेल अधिकारी के साथ हाथापाई करने लग गया।
विज्ञापन


हवालाती ने भद्दी शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए अपना सिर लोहे के जंगले में मार कर जेल प्रशासन पर दवाब बनाने की भी गलत कोशिश की। पुलिस ने इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए हवालाती के खिलाफ थाना त्रिपड़ी में केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि पटियाला जेल अकसर सुर्खियों में रहती है। दरअसल जेल विभाग के अधिकारियों के बड़े-बड़े दावों के बावजूद यहां से लगातार नशे व मोबाइलों की बरामदगी होती रहती है। इस पर नकेल कसने के लिए ही जेल प्रशासन की ओर से जेल में रूटीन में ही चेकिंग अभियान चलाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें