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महंगी बिजली का झटका: पावरकॉम ने मार्च-अप्रैल में खरीदी 433.6 करोड़ की बिजली, कोयले की कमी ने बढ़ाई आर्थिक मुश्किलें

Fri, 29 Apr 2022 11:39 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला

सार

रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते विदेशी कोयला महंगा होने के कारण मार्च से ही पंजाब के प्राइवेट थर्मल प्लांट भी कोयले की सप्लाई के लिए सरकारी प्लांटों की तरह कोल इंडिया पर ही निर्भर हो गए हैं। इससे मार्च से पंजाब के थर्मलों में कोयले का संकट बना हुआ है।
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बिजली संकट। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी के कारण बिजली सप्लाई बड़े स्तर पर प्रभावित होने से आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे पावरकॉम को बड़ा झटका लग रहा है। आंकड़ों के मुताबिक मार्च-अप्रैल 2022 के दो महीनों में पावरकॉम अब तक कुल 433.6 करोड़ की बिजली बाहर से खरीद चुका है। अगर कोयले का संकट इसी तरह रहा तो आने वाले धान के सीजन मे मांग में बड़ी वृद्धि के साथ बिजली की भारी किल्लत होने की पूरी आशंका है। जिसे दूर करने के लिए पावरकॉम को ज्यादा बिजली और महंगे दाम में खरीदनी पड़ सकती है। क्योंकि पैडी सीजन में मार्केट में बिजली के दाम में और तेजी आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते विदेशी कोयला महंगा होने के कारण मार्च से ही पंजाब के प्राइवेट थर्मल प्लांट भी कोयले की सप्लाई के लिए सरकारी प्लांटों की तरह कोल इंडिया पर ही निर्भर हो गए हैं। इससे मार्च से पंजाब के थर्मलों में कोयले का संकट बना हुआ है। ऊपर से इस बार मार्च में ही गर्मी पड़नी शुरू हो गई थी। अब कोयले को खास तौर से पैडी सीजन के लिए बचाकर रखने के लिए थर्मल की यूनिटों को बंद किया जा रहा है। पंजाब में बिजली की आपूर्ति तपती गर्मी में बढ़ती मांग के हिसाब से नहीं हो पा रही है। ऐसे में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम को महंगे दाम पर बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। 

आंकड़ों के मुताबिक पावरकॉम ने मार्च 2022 में 271 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी। जो पावरकॉम को औसतन 6.04 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से कुल 169.84 करोड़ की मिली। वहीं अप्रैल में पावरकॉम ने बाहर से 246 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी, जो पावरकॉम ने काफी महंगी प्रति यूनिट औसतन 10.70 रुपये के हिसाब से 236.22 करोड़ की खरीदी। क्योंकि अप्रैल में गर्मी काफी बढ़ने से सभी राज्यों से बिजली की मांग में इजाफा होने से बाजार में बिजली महंगे दामों पर मिल रही है। इस तरह से पावरकॉम ने मार्च व अप्रैल में अब तक 433.6 करोड़ की बिजली की खरीद कर ली है।

करोड़ों के कर्ज में डूबे पावरकॉम की 9000 करोड़ की सब्सिडी सरकार पर पेंडिंग

पावरकॉम इस समय बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है। एक तरफ पावरकॉम पर विभिन्न सरकारी व निजी वित्तीय संस्थाओं का 17000 करोड़ का कर्ज है, वहीं दूसरी तरफ पावरकॉम की 9000 करोड़ की सब्सिडी सरकार की तरफ पेंडिंग है। लगातार लिखने के बावजूद सरकार इस सब्सिडी की राशि की अदायगी नहीं कर रही है। खास बात यह है कि इस कर्ज पर ही पावरकॉम को सालाना 1400 करोड़ का ब्याज देना पड़ता है।

बैंकिंग में अन्य राज्यों से 2300 मेगावाट बिजली मिलेगी, कोयले की सप्लाई बहुत कम : सीएमडी

पावरकॉम के सीएमडी इंजीनियर बलदेव सिंह सरां का कहना है कि धान के सीजन में पंजाब में बिजली की कमी न हो, इसके लिए शार्ट टर्म खरीद समझौते किए गए हैं। साथ ही बैंकिंग के तहत देश के अन्य राज्यों तमिलनाडु, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल, मेघालय, मध्यप्रदेश, मणिपुर, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल के पास 1000 मेगावाट बिजली जमा की गई है। वहां से पैडी सीजन में बदले में 2300 मेगावाट तक बिजली मिलेगी। उन्होंने माना कि इस समय थर्मलों में कोयले की सप्लाई थोड़े-बहुत गुजारे लायक है। लेकिन उम्मीद है कि जून में पचवारा कोयला खदान का संचालन शुरू होने से स्थिति में सुधार होगा।

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