राष्ट्रीय वाल्मीकि सभा के चेयरमैन कुलदीप सिंह सहोता ने कहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की राशि नहीं भेजी गई। वहीं माता गुजरी कॉलेज के प्रबंधन ने विद्यार्थियों को किसी भी कीमत पर फीस जमा करवाकर ही एग्जाम में बैठने को कहा है। सहोता ने बताया कि सूबा सरकार की तरफ से अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा देने के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम शुरू की गई थी। सूबा सरकार ने इनकी फीस कॉलेजों को अदा करनी थी। सरकार की तरफ से विद्यार्थियों के पिछले और अंतिम सेमेस्टर की फीस अब तक नहीं भेजी गई। इस कारण माता गुजरी कॉलेज प्रबंधकों ने विद्यार्थियों को खुद फीस जमा करवाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधकों की तरफ से विद्यार्थियों को दफ्तर में बुलाकर फीस जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है और फीस जमा न करवाने पर रोल नंबर रोकने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने सरकार और कॉलेज प्रबंधन सेे अपील की कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न किया जाए।
सरकार की तरफ से स्कॉलरशिप की फीसें नहीं भेजी गईं लेकिन सरकार की तरफ से पत्र जरूर मिला है कि विद्यार्थियों से फीसें ले लीं जाएं। स्कालरशिप की फीस जैसे ही कॉलेज के खाते में आ जाएंगी विद्यार्थियों का पैसा वापस कर दिया जाएगा। अगर कोई विद्यार्थी फीस जमा नहीं करवा सकेगा, उसको एग्जाम में बैठने पर विचार किया जा सकता है। - डॉ. जतिंदर सिंह सिद्धू, प्रिंसिपल, माता गुजरी कॉलेज
यह मामला मेरे ध्यान में नहीं है। अगर इस तरह का कोई मामला है, तो मैं इस बारे में उच्च अधिकारी को पत्र लिखूंगा ताकि विद्यार्थियों का कोई नुकसान न हो। - कमलदीप सिंह संघा, डीसी