कीटनाशक दवा विक्रेताओं का केंद्र सरकार के प्रति रोष थमने का नाम नहीं ले रहा है।
केंद्र
सरकार की ओर से नई शर्त तय की गई है कि बीएससी एग्रीकल्चर डिग्री धारक ही
कीटनाशक दवा बेच सकेगा। इसी शर्त को हटाने की मांग को लेकर कीटनाशक दवा
विक्रेताओं ने मंगलवार को अपने कारोबार बंद रखकर केंद्र सरकार के खिलाफ
जमकर रोष प्रदर्शन किया। विक्रेताओं की मांग है कि इस नई शर्त को तुरंत
रद्द किया जाए। यूनियन के केंद्रीय खेतीबाड़ी मंत्री राधा मोहन को लिखित
तौर पर एक पत्र भी भेजा है।
कीटनाशक दवा विक्रेता एसोसिएशन के
अध्यक्ष दर्शन सिंह भंगू, संतोष कुमार, संजय गोयल, शिवजी राम, अशोक कुमार
आदि ने कहा कि दशकों से तजुर्बे के आधार पर पंजाब में करीब 15 हजार लोग यह
काम कर रहे हैं। देश में कीटनाशक विक्रेताओं का संख्या लाखों में है। नई
शर्त करोड़ों को बेरोजगार कर देगी।
समय समय पर किसानों को दवाओं की
जानकारी कंपनियों के प्रोफेशन डाक्टर दे रहे हैं और सरकार भी खुद चैनलों के
माध्यम से किसानों को जागरूक कर रही है। ऐसे में कीटनाशक दवा विक्रेताओं
के पास तजुर्बे नहीं होने का दावा करना गलत है। यूनियन सदस्यों ने चेतावनी
दी कि यदि तुरंत फैसला रद्द नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में तीखा
संघर्ष शुरू किया जाएगा। इस मौके पर तरुण कुमार, परवीन कुमार, शिवपाल,
दर्शन कुमार, बलवीर सिंह हाजिर थे।