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परनीत के डिब्बे में बेसन की रोटी और मक्खन

Tue, 15 Apr 2014 07:20 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला,पटियाला
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बढ़ती गर्मी के बीच विभिन्न पार्टियों के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करना मुश्किल होता जा रहा है। प्रत्याशी इस मौसम में पेट की खराबी से बचने और खुद को तरोताजा रखने के लिए घर से बना खाना, साफ्ट ड्रिंक या फिर एनर्जी ड्रिंक साथ लेकर जाने को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।
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शाही परिवार से संबंधित कांग्रेस प्रत्याशी परनीत कौर अपनी पसंदीदा बेसन की रोटी मक्खन और सब्जी साथ खाती हैं। सुबह ही उनका डिब्बा तैयार होकर गाड़ी में रख दिया जाता है, साथ ही पानी भी। आप के प्रत्याशी डा. धर्मवीर गांधी तो घर के खाने के मुरीद हैं। वह बाहर का खाना पसंद नहीं करते, वहीं शिअद प्रत्याशी दीपइंद्र ढिल्लों कभी घर का बना खाना, तो कभी गांवों में ही जहां वह चुनावी सभाएं करने जाते हैं, खाना खाते हैं।


टिफिन पहले से तैयार
परनीत कौर ने बताया कि वह कई साल से राजनीति में है। गर्मी हो या सर्दी, कभी उन्होंने मौसम की परवाह नहीं की। इसीलिए छतरी बगैरा लेकर जाने का सवाल ही पैदा नहीं होेता लेकिन वह खाना घर का बना ही खाती हैं। वह ज्यादातर अपनी पसंदीदा बेसन की रोटी, मक्खन या सब्जी के साथ खाती हैं। जब वह सुबह चुनाव प्रचार के लिए गांवों में जाती हैं, तो उनका डिब्बा व पानी पहले से गाड़ी में रखवा दिया जाता है। फ्रेश फ्रूट जूस भी वह पसंद करती हैं। गांवों में अगर लोग प्यार से लस्सी बगैरा देते हैं, तो वह ले लेती हैं।
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घर की दाल रोटी पसंद
उधर आप प्रत्याशी डा. गांधी के मुताबिक वह घर की बनी दाल, सूखी सब्जी व रोटी पसंद करते हैं। सुबह ही उनकी पत्नी अपनी देखरेख में खास तौर से उनके व उनके साथ जाने वाले पार्टी समर्थकों के लिए रोटी तैयार कराके गाड़ी में रखवा देती हैं। साथ में पानी रहता है। वह किसी तरह का कोई एनर्र्जी ड्रिंक या साफ्ट ड्रिंक बगैरा नहीं लेते हैं। वह गर्मी और सर्दी सहने के आदि हैं। रूरल बैकग्राउंड से होने के चलते कभी उन्होंने मौसम की परवाह नहीं की। इसीलिए बढ़ती गर्मी में भी वह पहले की तरह ही लोगों में सक्रियता से अपनी पार्टी का प्रचार कर रहे हैं।

वर्करों के यहां भोजन
वहीं शिअद प्रत्याशी दीपइंद्र सिंह ढिल्लों ने कहा कि वह घर से खाना लेकर नहीं जाते, गांवों में जहां दोपहर को खाने का समय होता है, वहां हलका इंचार्ज पहले से खाने का प्रबंध कर देता है, वहीं खाना खा लेते हैं। गर्मी में भी वह किसी साफ्ट ड्रिंक या लस्सी के बजाय चाय पीने को तरजीह देते हैं।
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