पटियाला के डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित ओरिएंटेशन वर्कशाप का दीप जलाकर शुभारंभ करते प्रिंसिपल एसआर प्रभाकर।
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पेरेंटिंग केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह कला है। इसके जरिये अभिभावक अपने बच्चे का सर्वपक्षीय विकास करते हुए इसे बढ़ा करते हैं। यह विचार डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एसआर प्रभाकर ने व्यक्त किए। वह सोमवार को स्कूल में आयोजित ओरिएंटेशन वर्कशाप को संबोधित कर रहे थे, जिसमें गुड पेरेंटिंग के गुर मौजूद अभिभावकों को सिखाए गए। इस मौके पर जाने-माने एजूकेशनिस्ट महात्मा हंसराज की जन्मदिवस वर्षगांठ भी मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इसके बाद टीचरों ने प्रिंसिपल एसआर प्रभाकर का फूलों के साथ स्वागत किया, जो कार्यक्रम के मुख्य मेहमान रहे। इसके बाद अच्छी पेरेंटिंग कैसे की जाए, यह समझाने के लिए दमनजीत कौर ने पावर प्वाइंट प्रिजेंटेशन पेश की। उन्होंने बताया कि बच्चे को शरारत करने पर मारना ठीक नहीं है। प्रिंसिपल प्रभाकर ने कहा कि एक बच्चा एक साफ स्लेट की तरह है और गुड पेरेंटिंग के जरिये हम इस स्लेट पर बच्चे के हित में बहुत कुछ लिख सकते हैं।