चार दिन से चल रहा कर्मचारियों और अधिकारियों का विवाद रविावार को थम गया है। विधायक जोगिंदरपाल जैन की मौजूदगी में मेयर के घर पर दोनों पक्षों की बैठक के बाद कर्मचारी मान गए हैं और निगम अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर से कूड़े के ढेर उठा लिए।
कर्मचारियों की नगर निगम के कमिश्नर विपुल उजवल समेत तीन अन्य अधिकारियों की बदली की मांग नहीं मानी गई है। विधायक का कहना है कि मामले की जांच होगी, अगर कोई आरोपी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभाग को लिखा जाएगा और कार्रवाई होगी।
नगर निगम में दर्जा तीन और चार कर्मचारियों का अधिकारियों से विवाद हो गया था। इसके बाद वीरवार को कर्मचारियों ने नगर निगम कमिश्नर विपुल उजवल, एमटीपी कमल किशोर ओर चीफ सेनेटरी इंसपेक्टर मलकीत सिंह खैहरा के कार्यालय के बाहर कूड़े के ढेर लगा दिए थे।
शनिवार को विधायक जोगिंदरपाल जैन ने कर्मचारियों के साथ बैठक की गई थी। बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला था। रविवार को मेयर की कोठी पर विधायक जोगिंदर पाल जैन की मौजूदगी में दुबारा बैठक हुई। यहां दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।
दूसरी और आफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष मलकीत सिंह खैहरा का कहना है कि कूड़ा तो उनके कार्यालय के बाहर भी फेंका गया था। उन्हें मीटिंग में नहीं बुलाया गया। उन्हें नहीं पता कि क्या समझौता हुआ है, वह अपनी मीटिंग सोमवार को बुलाएंगे और वहां पर ही अगला फैसला लिया जाएगा।
बता दें कि आफिसर एसोसिएशन की ओर से विधायक जोगिंदरपाल जैन को कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन दिया गया था।