जिले के गांव मद्दोके में घरों से मीटर निकालने आई पावरकॉम टीम को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक पावरकॉम आधिकारियों को बंधक बनाकर रखा और अंतत: बिजली सप्लाई बहाल करने बाद ही उन्हें छोड़ा। इस घटना की सूचना मिलते ही थाना अजीतवाल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने तकरीबन 4 वर्ष पहले बिजली चोरी रोकने के मकसद से घरों अंदर लगे मीटरों को बाहर निकालने के लिए ठेका दिया था। कई गांवों में तो पावरकॉम मीटर बाहर निकालने में सफल रहा, लेकिन कई गांवों में लोगों के विरोध के चलते घरों से मीटर बाहर निकालने का काम रोक दिया था।
यहां कस्बा अजीतवाल स्थित पावरकॉम के एसडीओ मनप्रीत सिंह और जेई सुखदर्शन सिंह की निगरानी में ठेकेदार के कर्मियों ने गांव मद्दोके में घरों में से मीटर बाहर निकालने का काम शुरू किया था। उन्होंने कई घरों के मीटर बाहर निकाल दिए। इस दौरान किसान मजदूर जत्थेबंदियां के साथ एकत्र हुए ग्रामीणों ने घरों में से मीटर बाहर निकालने का विरोध किया और पावरकॉम आधिकारियों और ठेकेदार का घेराव कर नारेबाजी की।
इस मौके पावरकॉम अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिया कि उनका सुझाव उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा और उनके अगले आदेशों तक मीटर बाहर नहीं निकाले जाएंगे। इस मौके लोगों के गुस्से और विरोध कारण पावरकॉम आधिकारियों ने मीटर बक्से नहीं लगाऐ और बिजली स्पलाई बहाल कर दी।
इस समय पंजाब खेत मजदूर यूनियन नेता कुलदीप सिंह मद्दोके, भारती किसान यूनियन डकौंदा गुरनाम सिंह और अन्य ने गरीब मजदूर किसानों - मज़दूरों का उजाडा करने की सरकारी नीति की अलोचना करते कहा कि फैक्टरियों आदि में बडे़ स्तर पर बिजली चोरी हो रही है लेकिन बिजली चोरी रोकने के नाम पर सरकार आम लोगों से धक्केसाही कर रही है।