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नितिन गडकरी के संयुक्त सचिव के आश्वासन पर धरना समाप्त

Tue, 07 Jul 2015 09:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, /मंड़ी गोबिंदगढ़ साहिब
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एनएच-1 पर गांव अंबेमाजरा सहित 50 अन्य गांवों को रास्ता न दिए जाने के मामले का समाधान निकल आया है। ग्रामीण इस मांग को लेकर करीब 22 दिन से प्रदर्शन कर रहे थे।
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ग्रामीणों के एक वफद ने दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के संयुक्त सचिव फाइनेंस सरीश चंद्रा (आईएएस) से मुलाकात की। मुख्य सचिव ने ग्रामीणों की मांग को जायज मानते हुए हाईवे अथॉरिटी को इसका समाधान करने का आदेश दिया है।

अथॉरिटी ने ग्रामीणों से चार महीने का समय मांगा और अंबेमाजरा से एक किलोमीटर की दूरी में दो अंडर ब्रिज पास करने की पुष्टि की।

मंगलवार को भी गांव अंबेमाजरा, चतरपुरा, कुंभ, कुंभड़ा, वजीराबाद, मुल्लापुर, मुल्लापुर खुर्द, सौंटी जलालपुर, सरदार नगर, तलवाड़ा और शहजादपुर से आई पंचायत ने नेशनल हाईवे के पास ढाई घंटे धरना दिया। इस दौरान पुलिस और सिविल प्रशासन की ओर से किसी भी घटना से निपटने के लिए पूरे पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
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दोपहर 12 बजे धरनास्थल पर पहुंची अमलोह की एसडीएम रवजोत कौर गरेवाल ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने से पहले नेशनल हाईवे अथारिटी अंबाला के अधिकारियों से फोन पर बात कर विभाग से मिले दिशा निर्देशों की जानकारी ली। अथॉरिटी ने ग्रामीणों से चार महीने का समय मांगा और अंबेमाजरा से एक किलोमीटर की दूरी में दो अंडर ब्रिज पास करने की पुष्टि की। इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम सहित हाईवे अथॉरिटी का धन्यवाद करते हुए धरना समाप्त कर दिया।

धरने में महिंदर सिंह, अमरिंदर सिंह, सिकंदर सिंह, हरदयाल सिंह, प्रगट सिंह, सरपंच तेजपाल सिंह और लखवीर सिंह ने बताया कि 25 जून को वह दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने गए थे। उनके सचिव सरीश चंद्रा ने उनकी समस्या हल करने का आश्वासन दिया था, इसके अलावा उन्होंने सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, आम आदमी पार्टी, पीपुल्स पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल सहित किसान जत्थेबंदियों का धन्यवाद भी किया।

मंडी गोबिंदगढ़ के आसपास करीब 50 गांवों को हाईवे पर रास्ता न दिए जाने को लेकर 25 जून को लोगों ने हाईवे के पास धरना दिया था। औद्योगिक इकाई, ग्रामीणों ने कहा था कि सिक्स लेन प्रोजेक्ट के तहत 9-10 किलोमीटर दूरी में उनको रास्ता नहीं दिए जाने पर 15 दिनों की चेतावनी दी थी। प्रशासन ने समय अवधि समाप्त होने पर उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दे दिया।
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