पटियाला जेल में मोबाइल छिपाने के लिए बनाए गए छेद।
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पटियाला की सेंट्रल जेल में रविवार को तलाशी अभियान के दौरान 19 मोबाइल फोन बरामद किए थे। ये सभी फोन बड़ी चालाकी के साथ छिपाए गए थे। पहले बैरकों की दीवारों व फर्श पर मोबाइल की मोटाई और लंबाई जितनी जगह बनाई जाती थी। फिर उस जगह (छेद) को चप्पल की स्टेप के साथ ढककर उस पर टूथपेस्ट लगा दिया जाता था, ताकि किसी को वहां मोबाइल छिपाने के बारे में कुछ पता न लगे। यही वजह है कि पटियाला जेल प्रशासन पिछले कुछ दिनों के दौरान दो से तीन बार चेकिंग करने के बावजूद इन मोबाइलों को बरामद नहीं कर पाया था। जबकि जेल अधिकारियों के पास जेल की छह बैरकों में बंद कैदियों द्वारा मोबाइल इस्तेमाल किए जाने की जानकारी थी।
जिन छह बैरकों में हुई तलाशी, वहां 250 कैदी व हवालाती बंद
अभियान के दौरान जेल की जिन छह बैरकों की तलाशी ली गई, उनमें करीब 250 कैदी व हवालाती बंद हैं। अब पुलिस व जेल प्रशासन जांच करेगा कि किन कैदियों ने इन मोबाइलों का इस्तेमाल किया था। यह मोबाइल जेल में कैसे पहुंचे। क्या इसमें किसी जेल मुलाजिम की भी मिलीभगत है। साथ ही मोबाइलों के जरिये किससे बात हो रही थी। फिलहाल यह जांच का विषय है।
बैरक नंबर 9 से भी मिले मोबाइल और नंबर 10 बैरक में बंद हैं सिद्धू
अभियान के दौरान पटियाला जेल की बैरक नंबर 9 से भी मोबाइल मिले हैं, जबकि पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाबी गायक दलेर मेहंदी साथ पड़ती बैरक नंबर 10 में बंद हैं। हालांकि जेल सुपरिंटेंडेंट मनजीत सिंह टिवाणा ने दावा किया कि जिन छह बैरकों की तलाशी हुई, उनमें कोई गैंगस्टर बंद नहीं है। इस जेल में पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया भी बंद हैं। ऐसे में जेल में लड़ाई-झगड़े के अलावा मोबाइल की लगातार बरामदगी सुरक्षा प्रबंधों पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।