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मास्टर कैडर यूनियन की सरकार के खिलाफ नारेबाजी

Fri, 15 Apr 2016 09:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला रोपड़
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- फोटो : demo pic
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मास्टर कैडर शिक्षक यूनियन पंजाब ने स्टेटस बहाली को लेकर महाराजा रणजीत सिंह बाग में धरने दिया। इस प्रर्दशन नें पांच जिलों रोपड़, लुधियाना, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, पठानकोट तथा मोहाली के शिक्षकों ने शिरकत की। प्रदर्शन के दौरान शिक्षक नैशनल हाईवे पर जाम न लगा सके इसके लिए भी पुलिस द्वारा सखत सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम तेजदीप सिंह सैनी ने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा के साथ मीटिंग तय करवा कर धरने को खत्म करवाया। 
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यूनियन के पंजाब प्रधान बलदेव सिंह बूटर ने कहा कि सरकार ने हमारे हकों पर डाका डाला है। उन्हें लंबे समय से वेतन नहीं मिल रहा। डीए भी नहीं दिया जा रहा ओर ग्रेड ए से ग्रेड सी में बदल दिया गया है। चेकिंग के नाम पर अत्यधिक टीमों का गठन कर दिया। अध्यापकों के लेट जाने, नकल आदि के केस पकड़ने के केस तथा फिर इन मामलों में आरोपी बनाए गए अध्यापकों को चंडीगढ़ बुलाकर जलालत देना ये सब सिर्फ सुर्खियां बटोरने का डॉ. चीमा का तरीका था। 

बूटर ने कहा कि आस्ट्रेलिया हाई कमीशन ने हमारे राज्य के विद्यार्थियों को इसलिए स्टडी वीजा देने मना कर दिया कि पंजाब में शिक्षा का स्तर बेहतर नहीं है। यूनियन ने कहा कि यदि हमारी मांगें न मानी गई तो डॉ. चीमा का दोबारा चुनाव जीतना मुश्किल कर देंगे। एसडीएम तेजदीप सिंह सैनी ने मौके पर पहुंचकर धरनाकारियों के साथ बैठक की तथा उनकी समस्याओं के बारे जाना। इसके बाद डॉ.दलजीत सिंह चीमा के साथ अठारह अप्रैल को चार बजे चंडीगढ़ में मास्टर केडर यूनियन पंजाब के साथ बैठक करवान के लिए डॉ.चीमा से समय लिया। इस दौरान अध्यापक नेताओं ने कहा कि अगर अठारह की बैठक में कोई सकारात्मक हल नहीं निकला तो उन्नीस अप्रैल को मोगा में जोनल स्तर के धरने में संघर्ष को तीव्र किया जाएगा।
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