रोपड़ में शहीदी जोड़ मेल के दौरान घुड़सवारी के करतब दिखाते निहंग सिंह।
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श्री चमकौर साहिब की ऐतिहासिक धरती पर दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बड़े साहिबजादों और सिंहों की शहादतों को समर्पित शहीदी जोड़ मेल के तीसरे और अंतिम दिन निहंग सिंहों के हैरतअंगेज करतब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सजाए विशाल नगर कीर्तन के बाद समाप्त हो गया।
इस मौके पर एसजीपीसी प्रबंधक की ओर से सजाया गया नगर कीर्तन गुरुद्वारा गढ़ी साहिब से शुरू हुआ और सारे शहर में से होता हुआ गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब आ कर समाप्त हुआ। इस दौरान रागी सिंह ने संगतों को गुरबाणी के साथ जोड़ा और नौजवान ने गतका का जौहर भी दिखाया। इस दौरान बड़ी संख्या में संगत ने श्री चमकौर साहिब के अलग-अलग गुरुद्वारा साहबाना में हाजरी भर शहीदों को प्रणाम किया।
इस मौके पर निहंग सिंह जत्थेबंदियां की ओर से भी मोहल्ला सजाया गया। घोड़ों पर सवार निहंग सिंह गुरुद्वारा कतलगढ़ साहब में नतमस्तक हो कर जाहो जलाल के साथ स्टेडियम पहुंचे जहां उन्होने गतके, घुड़सवारी, नेजेबाजी के हैरतअंगेज करतब दिखाए।
शहीदी जोड़ मेल के दौरान साहिबजादों की शहादत को समर्पित शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से यह दिन गुरबाणी दिवस के तौर पर मनाया गया।
इस दौरान श्री चमकौर साहब में बाबा संगत सिंह दीवान हाल में हजारों की संख्या में अलग अलग स्कूलों और कालेजों के विद्यार्थियों ने इकठ्ठे हो कर जपुजी साहिब,चौपई साहिब और आनंद साहिब की 6 पोडियों के जाप करने के बाद अरदास कर शहीद हुए सिंहों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर श्री अकाल तख़्त साहब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने भी हाजरी लगाई। इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के जनरल सचिव भाई अमरजीत सिंह चावला ने विद्यार्थी को संबोधित करते हुए गुरु गोबिंद सिंह जी के सिद्धांतों पर चलने का संदेश दिया।