पटियाला के सरकारी महिंदरा कालेज में मंगलवार को प्रिंसिपल दफ्तर के बाहर धरना देते स्टूडेंट्स।
- फोटो : amarujala
सरकारी महिंदरा कालेज में प्रिंसिपल दफ्तर के बाहर मंगलवार को स्टूडेंट्स ने धरना दिया। इस मौके पर पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन के लीडर हरदीप ढडरिया ने कहा कि सोमवार को हुई बैठक में फैसला हुआ था कि आज पीटीए संविधान की कापी, मौजूदा पीटीए कमेटी व पीटीए फंड से हुए खर्चे का रिकार्ड दे दिया जाएगा। हालांकि जब स्टूडेंट्स रिकार्ड लेने के लिए प्रिंसिपल दफ्तर पहुंचे, तो उन्हें मिलने से इनकार कर दिया गया। उल्टा प्रिंसिपल ने अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए पुलिस बुलाकर स्टूडेंट्स को डराया है।
स्टूडेंट लीडरों ने कहा कि नियम अनुसार प्रति स्टूडेंट पीटीए फंड 500 रुपये है, लेकिन महिंदरा कालेज में पीटीए संविधान के नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रति विद्यार्थी 5400 रुपये लिए जा रहे हैं। 4200 रुपये यूनिवर्सिटी फीस छोड़कर बाकी पैसे कालेज ले रहा है। जबकि कुल फीस 9665 रुपये है, जो सरासर नियमों के विपरीत है। दूसरी तरफ पीटीए कमेटी के चुनाव वोटों के जरिये होते हैं। इस नियम का उल्लंघन करके प्रिंसिपल दफ्तर में बैठ कर कमेटी बना ली जाती है।
स्टूडेंट्स लीडरों की सरकार से मांग है कि सरकारी महिंदरा कालेज को बाकी सरकारी कालेजों की तरह नियमों के अनुसार चलाया जाए न कि शिक्षा को मुनाफे का साधन बनाकर किसी प्राइवेट संस्था की तरह चलाया जाए। साथ ही मांग की कि पीटीए संविधान और पीटीए फंड से हुए खर्चे का रिकार्ड दिया जाए। मांग पूरी न होने पर स्टूडेंट्स जत्थेबंदियों की ओर से मिलकर प्रिंसिपल व शिक्षा मंत्री के खिलाफ संघर्ष छेड़ा जाएगा। इस मौके पर रणदीप रसूलपुर, गुरजंट, सुनंदा, गगन, सिमरन मौजूद रहे।