सात किसान मजदूर जत्थेबंदियों की ओर से मांगों को लेकर चंडीगढ़ में लगाए जाने वाले पक्के मोरचा को पुलिस ने असफल कर दिया। किसानों को रोकने के लिए चंडीगढ़ जाने वाले तमाम रास्तों पर पुलिस तैनात रही।
इसके बाद किसान गांव घराचों में चंडीगढ़ जाने के लिए इकट्ठा हुए लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। इसके चलते किसानों ने घराचों की अनाज मंडी में मोर्चा लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिले के ब्लॉक संगरूर, मालेरकोटला, धूरी, सुनाम, लहरा से बड़ी तादाद में किसान चंडीगढ़ के लिए जाने के लिए अपने-अपने इलाकों से रवाना हुए लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
गांव घराचों की अनाज मंडी में मोर्चा लगाए बैठे किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू उग्रांहा के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्रांहा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों मजदूरों के संघर्ष को पुलिस की ताकत से दबाना चाहती है जिससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार यह बात भूल गई है कि किसी भी संघर्ष को लाठी के बल से दबाया नहीं जा सकता।
किसान-मजदूर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। मौके पर किसान नेता अमरीक सिंह गंढूआं, जनक सिंह भुटाल, जसविंदर सिंह लौंगोवाल, दिलबाग सिंह हरिगढ़, हरपाल सिंह पेधनी, दरबारा सिंह छाजला, जसवंत सिंह तोलावाल, श्यामदास कांझली, बहाल सिंह ढींढसा मौजूद थे।