संगरूर में जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स के समक्ष जलूर जबर विरोधी एक्शन कमेटी की अगुवाई प्रदर्शन करते लोग।
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जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स का घेराव किए बैठे जलूर जबर विरोधी एक्शन कमेटी की अगुवाई में किसानों और मजदूरों ने प्रशासन की तरफ से आश्वासन मिलने के बाद कांप्लेक्स का घेराव छोड़ दिया। हालांकि मांगें पूरी होने तक डीसी दफ्तर के मुख्य गेट के सामने धरना जारी रखने का एलान किया गया है।
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि जलूर कांड के आरोपियों को दस दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लेने का वादा किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने डीसी दफ्तर के दो गेट के सामने से धरना उठा लिया जबकि मुख्य गेट पर मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने का एलान किया। इससे पहले डिप्टी कमिश्नर ने 11 बजे तक सभी मुलाजिम की छुट्टी कर दी थी।
एसएसपी इंदरबीर सिंह और जलूर जबर विरोधी एक्शन कमेटी के नेताओं के बीच बातचीत हुई और प्रशासन की तरफ से कमेटी नेताओं को भरोसा दिया गया। इसके बाद डीसी दफ्तर के सामने भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां और जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के नेता मुकेश मलौद ने कहा कि प्रशासन ने मजदूर-किसानों के संघर्ष के आगे घुटने टेक दिए हैं। प्रशासन ने दस दिनों में जलूर कांड के आरोपियों को पकड़ने का भरोसा दिया है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने अपने किए वादे से भागने की कोशिश की तो संघर्ष को फिर शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर पंजाब खेत मजदूर यूनियन के लछमन सेवेवाल, भाकियू के सुखदेव सिंह कोकरी कलां, झंडा सिंह जेठूके, किरती किसान यूनियन के निर्भय सिंह, तरसेम पीटर, बहाल सिंह, सुरमुख सिंह, बलविंदर सिंह, पिरथी लौंगोवाल और जोरा सिंह नसराली मौजूद थे।