1995 में अमृतसर में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 2005 में पटियाला की सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाया था। अदालत ने डीएसपी जसपाल सिंह और एएसआई अमरजीत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के अपहरण और हत्या मामले में दोषी पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह की तलाश शुरू हो गई है। इस संबंध में नाभा ओपन खेतीबाड़ी जेल प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधा है। पंजाब पुलिस ने जसपाल सिंह का वर्तमान पता लगाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
खालड़ा के अपहरण और हत्या मामले में जसपाल सिंह उम्रकैद की सजा काट रहे थे। उन्हें मई 2023 में एक लाख रुपये और निजी बांड भरवा कर जमानत पर रिहा किया गया था। जेल प्रशासन ने बताया कि यह कदम नियमित सत्यापन प्रक्रिया के तहत उठाया गया है।
1995 में अमृतसर में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 2005 में पटियाला की सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाया था। अदालत ने डीएसपी जसपाल सिंह और एएसआई अमरजीत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
एसएचओ सुरिंदरपाल सिंह, जसबीर सिंह, सतनाम सिंह और हेड कांस्टेबल प्रिथीपाल सिंह को सात-सात साल की सजा मिली थी। अपील के दौरान हाईकोर्ट ने डीएसपी जसपाल सिंह की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा। हालांकि, एएसआई अमरजीत सिंह को बरी कर दिया गया था। बाकी चारों दोषियों, सुरिंदरपाल सिंह, जसबीर सिंह, सतनाम सिंह और प्रिथीपाल सिंह की सजा सात साल से बढ़ाकर उम्रकैद में बदल दी गई थी। सतलुज फिल्म को लेकर छिड़े विवाद के कारण यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया है।