पटियाला। मुलाजिम और पेंशनर्स तालमेल संघर्ष कमेटी पंजाब स्टेट पावरकाम और ट्रांसमिशन कारपोरेशन ने मैनेजमेंट व पंजाब सरकार की ओर थर्मल प्लांट रोपड़ और लहरां मोहब्बत में मुलाजिमों के 720 पद खत्म करने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
शुक्रवार को यहां जारी बयान में कमेटी के ओहदेदारों धनवंत सिंह भट्ठल, कुलदीप सिंह खन्ना, अविनाश शर्मा व परमजीत सिंह दसूहा ने कहा कि पावरकाम के मुलाजिम पहले ही स्टाफ की कमी कारण बड़ी मुश्किल से काम करते हैं।
अब यह पद खत्म करने से मौजूदा स्टाफ पर काम का और बोझ बढ़ेगा। यह सब पंजाब सरकार व पावरकाम मैनेजमेंट की सरकारी थर्मल प्लांट खत्म करने और प्राइवेट आपरेटरों को प्रोत्साहित करने की साजिश है। जिसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा और न ही कामयाब होने दिया जाएगा। चेतावनी दी कि अगर फैसला जल्द वापस नहीं लिया, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस मौके पर पावरकाम के मुलाजिमों को नवंबर 2020 से दोगुना किया मोबाइल भत्ता अब तक जारी न किए जाने पर रोष जताते इसे तुरंत रिलीज करने की भी मांग की। इसके साथ ही पे बैंड का मसला हल करने, सेवामुक्त कर्मचारियों को बिजली यूनिटों में छूट देने, डीए की किश्तें व बकाया देने की मांग भी की। साथ ही कहा कि पंजाब सरकार की ओर से छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट चाहे वित्त विभाग को भेज दी गई है, लेकिन इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया। जिस कारण मुलाजिमों व पेंशनरों में रोष है। सरकार को चेतावनी दी कि अगर मांगें न मानी, तो इसका खामियाजा आने वाले विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।