मंडी गोबिंदगढ़ के मुख्य चौक पर युवकों की रिहाई के लिए धरना देते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
नशा तस्करी के मामले में नाभा जेल में बंद दो युवकों की रिहाई को लेकर सोमवार को उनके परिजनों ने मंडी गोबिंदगढ़ के नेशनल हाईवे पर धरना देकर यातायात अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। वहीं धरने से हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। प्रदर्शन करीब पौना घंटे चला। सूचना मिलने पर पर एसएचओ शमशेर सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को थाने ले गए। एसएचओ ने मसले के हल के लिए एसएसपी के नाम एक अर्जी लिखकर देने को कहा। इस पर प्रदर्शनकारी शांत हो गए।
इससे पहले धरने पर बैठी पूजा रानी निवासी दलीप नगर और कुलविंदर कौर निवासी गुरमुख सिंह कालोनी मंडी गोबिंदगढ़ ने बताया कि 14 फरवरी की रात को सुनील कुमार (21) और गुरदीप सिंह (25) मंदिर से सेवा करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान सीआईए पुलिस के एएसआई गुरमीत कुमार पैंथर और हरविंदर सिंह ने उनको गिरफ्तार किया और सीआईए स्टाफ सरहिंद ले गए। सुनील पर 720 नशीली गोलियों और गुरदीप सिंह पर 740 नशीली गोलियों का मामला दर्ज किया गया। उसके बाद से दोनों नाभा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
सुनील की बहन पूजा ने बताया कि उसके भाई पर पुलिस ने झूठा मामला दर्ज किया है। इसकी वजह से उसके पिता मोती लाल परेशान रहने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पुलिस अधिकारियों ने सुनील को इस मामले से बाहर करने के लिए दो लाख रुपये की मांग की थी। उनके पिता रुपये देने में असमर्थ थे और दुखी होकर उन्होंने सरहिंद नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली।
वहीं गुरदीप सिंह की माता कुलविंदर कौर ने कहा कि उनके बेटे पर भी पुलिस ने झूठा मामला दर्ज किया है। मजबूरन उन्हें नेशनल हाईवे पर धरना देना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को चेतावनी दी कि अगर दोनों युवकों को जेल से रिहा न किया गया तो वह मोती लाल के शव को चौक में रखकर प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शनकारियों को एसएसपी के नाम अपनी शिकायत लिखकर देने को कहा गया है जिसकी पूरी गहनता से जांच की जाएगी। अगर दोनों युवक बेकसूर साबित हुए तो उन्हें रिहा भी करवाया जाएगा। सुनील कुमार पर ये दूसरा मामला था इससे पहले 30 सितंबर 2015 को उस पर 24 बोतल देसी शराब का मामला भी दर्ज किया गया था। - शमशेर सिंह, एसएचओ