विधान सभा चुनावों में एक वर्ष से ज्यादा का समय शेष होने के बाद भी घनौर कांग्रेस में जबरदस्त बगावत होने के आसार नजर आने लगे हैं।
एक तरफ कांग्रेस के टकसाली नेता व दो बार के कैबिनेट मंत्री दिवंगत जसजीत सिंह रंधावा की बेटी अन्नू रंधावा ने टिकट के लिए मुहिम चला रखी है, वहीं दूसरी तरफ पिछली बार थोड़े वोटों से हारे कांग्रेस के नेता मदनलाल जलालपुर टिकट मिलने दावा कर रहे हैं।
अन्नू रंधावा ने रविवार रोटरी भवन राजपुरा में पत्रकारों से कहा कि मेरे पिता जसजीत सिंह रंधावा ने अपनी सारी जिंदगी कांग्रेस की सेवा में लगाई व घनौर इलाके का विकास कराया। पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि वह अपने पिता के सपने को साकार करने के लिए कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ना चाहती है अगर किसी कारण वश मुझे टिकट नहीं मिलती तो भी मैं आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ूंगी?
वहीं पिछले चुनावों में हारे उम्मीदवार मदनलाल जलालपुर ने कहा कि जसजीत सिंह रंधावा का इलाके में कोई भी वजूद नहीं था। इसके चलते राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुझे चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया था।
इससे नाराज होकर रंधावा ने डेराबस्सी जाकर चुनाव लड़ा, वहां पर भी लोगों ने उन्हें नकार दिया था। अब उनकी बेटी हक मांग रही हैं। वह तो जालंधर में रहती हैं। अभी तक घनौर के लोगों की उन्हें याद क्यों नहीं आई।
जिला कांग्रेस प्रधान व राजपुरा विधायक हरदियाल सिंह कंबोज का कहना है कि पार्टी में काम कर रहे हर कार्यकर्ता का टिकट मांगने का हक है। फैसला तो पार्टी को लेना है। अगर कोई भी नेता पार्टी का अनुशासन तोड़ेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।