पटियाला। पंजाब में महिलाओं को बड़े वोट बैंक को साधने के लिए पूर्व कैप्टन सरकार की ओर से अप्रैल 2021 में सरकारी बसों में महिलाओं के मुफ्त बस सफर का किया फैसला अब पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) पर भारी पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नवंबर माह से कारपोरेशन को इस सुविधा के बदले सरकार की ओर से कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते पीआरटीसी के करोड़ों रुपये सरकार की तरफ बकाया हो गए हैं। भुगतान न होने से कारपोरेशन के लिए आर्थिक दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। इस संबंध में पीआरटीसी की मैनेजिंग डायरेक्टर परनीत शेरगिल ने माना कि नवंबर से महिलाओं के मुफ्त बस सफर का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार को लिखा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द फंड जारी हो जाएंगे।
यह पहला मौका नहीं है, जब सरकार ने इस तरह से महिलाओं के मुफ्त बस सफर का भुगतान में देरी की हो। जब से यह सेवा पंजाब में शुरू की गई है, तभी से अकसर इस तरह की दिक्कत से पीआरटीसी को जूझना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार पीआरटीसी हर माह 20 करोड़ से अधिक का मुफ्त बस सफर महिलाओं को करा देती है। लेकिन जब भुगतान की बारी आती है तो सरकार अक्सर भुगतान में कई माह की देरी कर देती है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है, नवंबर 2021 से सरकार ने कोई भुगतान नहीं किया है। वहीं अब जनवरी भी खत्म होने को आया है। नवंबर, दिसंबर व जनवरी माह के 20 करोड़ के हिसाब से पीआरटीसी का सरकार पर 60 करोड़ रुपये बकाया हो गया है।
उधर, भुगतान में देरी से कारपोरेशन के लिए आर्थिक दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं। एक तरफ कारपोरेशन पर इस समय अपने पेंशनरों के ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट व मेडिकल व अन्य का 18 करोड़ के करीब बकाया है। वहीं पे कमीशन लागू करने से पीआरटीसी का हर माह का सैलरियों व पेंशनों का बजट करीब ढाई करोड़ बढ़ गया है। पहले यह बजट 20 करोड़ था, जो अब साढ़े 22 करोड़ हो गया है। ऐसे में महंगा डीजल फूंककर बसें चलाने के बावजूद हाथ में साथ के साथ कैश पैसा न आने से पीआरटीसी के लिए सैलरियों व पेंशनों का खर्च पूरा करना मुश्किल हो जाता है।