सुनाम के गांव चट्ठा ननहैडा में खेतों में लगी आग बुझाते किसान। गेहूं की तैयार फसल को चपेट लेती आग।
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आग लगने से खेत में तैयार खड़ी 21 एकड़ गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। आग लगने की पुख्ता वजह सामने नहीं आई है। किसानों का आरोप है कि हादसे की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को देने के बावजूद कोई भी गाड़ी हादसा स्थल पर नहीं पहुंची।
हालांकि किसानों की सूझबूझ ने आग को ज्यादा फैलने नहीं दिया। नायब तहसीलदार पवन कुमार ने हादसा स्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
भाकियू एकता सिद्धूपुरा के नेता रण सिंह चट्ठा ने बताया कि बुधवार शाम को गांव चट्ठा ननहैड़ा के खेतों में अचानक आग लग गई। आग इतनी प्रचंड थी कि तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
गांव चट्ठे, जवंदे और छाजली के किसान अपने ट्रैक्टरों से पानी से भरे टैंकर लेकर आग बुझाने में जुट गए। पास से गुजरती छोटी नहर से किसानों से पानी जुटाकर आग को बुझाया। किसानों की इतनी कड़ी मशक्कत के बावजूद 21 एकड़ गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई।
हादसे में जगराज सिंह की सात एकड़ गेहूं, दर्शन सिंह की छह एकड़, नछतर सिंह की दो एकड़, अजैब सिंह की दो एकड़, हरनेक सिंह की दो एकड़, भोला सिंह और लीला सिंह की एक-एक एकड़ फसल बर्बाद हो गई।
किसानों ने रोष जताते कहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत पहुंचनी चाहिए थीं। किसानों ने पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि सुनाम में तुरंत फायर स्टेशन स्थापित करके गाड़ियों का प्रबंध किया जाए। किसानों ने पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।