मुक्तसर के मुख्य खेतीबाड़ी अफसर डॉ. बेअंत सिंह के नेतृत्व में सोमवार को जिले के गांव थांदेवाला में ‘फसली विभिन्नता’ विषय पर किसान सिखलाई और जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें खेतीबाड़ी माहिरों ने किसानों को फसली विभिन्नता को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।
आत्मा प्रोजेक्ट के डायरेक्टर डॉ. करनजीत सिंह ने बताया कि अगर किसान अपना आर्थिक स्तर ऊंचा उठाना चाहते हैं तो खेती के साथ-साथ सहायक धंधों को भी अपनाएं। किसानों के लिए सहायक धंधों क ो अपनाना आज समय की जरुरत बन गया है।
कोई भी किसान खेतीबाड़ी से जुड़ा कोई सहायक धंधा अपनाना चाहता है तो इसके लिए खेतीबाड़ी माहिरों से संपर्क करे तो उन्हें तुरंत सिखलाई दी जाएगी। सरकार द्वारा सहायक धंधों पर सब्सिडी भी मुहैया कराई जाती है। उन्होंने किसानों को अनावश्यक खर्च करने करने की बात पर भी जोर दिया।
डॉ. मुख्तयार सिंह भुल्लर ने किसानों को खेती विभिन्नता के तहत राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय मदद बारे भी जानकारी दी। सहायक पौधा सुरक्षा अधिकारी डॉ. काबल सिंह ने किसानों का स्वागत किया। जबकि खेतीबाड़ी विकास अधिकारी डॉ. संदीप बहल ने आए किसानों का आभार जताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित हुए।