पंजाबी यूनिवर्सिटी में दाखिलों के लिये इस बार छात्रों में काफी उत्साह है। पिछले साल के मुकाबले इस बार पीयू में दाखिला लेने वालों में 24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है लेकिन विद्यार्थियों की आशाओं पर पानी फिर सकता है। यूनिवर्सिटी के पास न तो उपयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर है और न ही हॉस्टल सुविधा।
पंजाबी यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के अनुसार यूनिवर्सिटी ने विभिन्न कोर्सों में दाखिले के लिए इस साल ऑनलाइन आवेदन मांगेे हैं। अब तक यूनिवर्सिटी के पास करीब 21 हजार आवेदन पहुंच चुके हैं जबकि पिछले साल केवल 17 हजार आवेदन ही पहुंचे थे।
उच्चाधिकारियों का कहना है कि यह अच्छा संकेत है कि यूनिवर्सिटी में दाखिलों के लिये रुझान बढ़ा है लेकिन यूनिवर्सिटी इस बढ़ोतरी को एक साल में एडजस्ट नहीं कर सकती। यूनिवर्सिटी के पास उपयुक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। यूनिवर्सिटी के पास महज चार हॉस्टल हैं इनमें से चार हॉस्टल लड़कों के हैं और तीन लड़कियों के।
पहले ही यूनिवर्सिटी हॉस्टल की समस्या से जूझ रही है। स्टूडेंट्स को यहां पढ़ने के लिये पीजी का सहारा लेना पड़ता है। अब स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने पर हॉस्टल की समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। वहीं वित्तीय संकट से जूझ रही यूनिवर्सिटी फैकल्टी और अन्य स्टाफ बढ़ाने की स्थिति में भी नहीं है। ऐसे में दाखिले के लिए आने वाले छात्रों को मायूस लौटना पड़ सकता है।
पंजाबी यूनिवर्सिटी के एकेडमिक स्टाफ काउंसिल के डायरेक्टर बलविंदर सिंह टिवाणा का कहना है कि यूनिवर्सिटी में दाखिलों के लिये आवेदनों में 24 फीसदी की बढ़ोतरी अच्छा संकेत है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कोर्सों में सीटें उस लिहाज से नहीं बढ़ पाई हैं। वहीं पंजाबी यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कुलबीर ढिल्लो ने बताया कि यूनिवर्सिटी की ओर से इस बार कई डिप्लोमा कोर्स शुरू किए गए हैं।
इनमें दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स को हॉस्टल की सुविधा नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एक नया हॉस्टल अभी निर्माणाधीन है। सूत्रों के मुताबिक दाखिला बढ़ने के पीछे एससी छात्रों की फीस माफ का मामला भी है। इसके लिए अभी सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। नोटिफिकेशन के बाद ही इन स्टूडेंट्स को कोई राहत मिलने की संभावना है।