एडिशनल डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस (जेल) आरपी मीना ने बताया कि पंजाब की जेलों में लैबोरेटरियों की स्थापना की जा रही है। इसमें कैदियों के खून, पेशाब, ईसीजी समेत अन्य जरूरी टेस्ट किए जाएंगे ताकि नशे का सेवन करने वाले कैदियों की पहचान करके उनको जेलों में जरूरत के मुताबिक डाक्टरी सेवाएं मुहैया कराई जा सकें।
उन्होंने शनिवार को सेंट्रल जेल में कैदियों और हवालातियों से मुलाकात के बाद सरबत दा भला चेरीटेबलट्रस्ट की ओर से बनवाए गए विजिटर शेड और पीने वाला साफ पानी मुहैया कराने के लिए लगाए आरओ सिस्टम का उद्घाटन किया। जेल में स्थापित नशा मुक्ति केंद्र का दौरा करते हुए एडीजीपी मीना ने बताया कि जेलों के प्रबंधकों को यह हिदायत दी गई है कि वह कैदियों की नियमित काउंसलिंग को यकीनी बनाने के प्रयास करें।
इस मौके पर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एसपीएस ओबराय, जेल सुपरिंटेंडेंट भूपिंदरजीत सिंह विर्क, एडिशनल सुपरिंटेंडेंट राजन कपूर, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट रमनदीप सिंह भंगू मौजूद थे।